कुतूहल अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.6

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
इस अध्ययन से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर

यह कि स्वच्छता बनाए रखने जैसे सरल उपाय संचरणीय रोगों के फैलाव को बहुत कम कर सकते हैं — और ये तब सर्वाधिक प्रभावी होते हैं जब पूरा समुदाय एक साथ प्रयास करे।

भद्रक के अध्ययन की शृंखला देखिए—

ओडिशा के भद्रक जिले में समुदाय आधारित स्वच्छता अभियान
→ अधिक लोगों ने शौचालय बनाए और उनका उपयोग किया
→ खुले में शौच की समस्या में बड़े स्तर तक कमी
→ पेयजल और मृदा उत्सर्जी पदार्थ से दूषित होना बंद
अतिसार और संक्रमण के मामले कम; बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार
ऐसा क्यों होता है: हैजा, आंत्र ज्वर, यकृतशोथ ए और गोल कृमि — सभी एक ही मार्ग से चलते हैं, अर्थात संक्रमित व्यक्ति के उत्सर्जी पदार्थ से जल, मृदा या भोजन में और वहाँ से किसी के मुँह तक। शौचालय इस मार्ग को पहले ही चरण पर काट देता है, अतः ये सभी रोग एक साथ घट जाते हैं। कोई औषधि यह नहीं कर सकती।

दूसरा निष्कर्ष उतना ही महत्त्वपूर्ण है — केवल एक परिवार का शौचालय पर्याप्त नहीं है। जल और मृदा साझा होते हैं, अतः अतिसार के मामले तभी घटे जब अभियान पूरे गाँव तक पहुँचा। स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, कुछ हद तक सामुदायिक विषय भी है।

प्र2.
अपने क्षेत्र में आयोजित ऐसे सामुदायिक अभियानों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए। इन जानकारियों को अपनी कक्षा में साझा कीजिए और अपने साथियों के साथ ऐसे प्रयासों के प्रभाव पर चर्चा भी कीजिए।
उत्तर

जानकारी कहाँ से लें। ग्राम पंचायत अथवा नगरपालिका के वार्ड कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या विद्यालय के कार्यालय में पूछिए; आशा अथवा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से बात कीजिए; स्वास्थ्य केंद्र के सूचना पट्ट देखिए; और स्थानीय समाचार पत्र पढ़िए। प्रत्येक अभियान के विषय में चार बातें लिखिए— किसने चलाया, लोगों से क्या करने को कहा गया, कितने समय तक चला, और उसके बाद क्या बदला — अंतिम बात ही असली कसौटी है।

नमूना उत्तर — भारत भर में सामान्यतः चलने वाले अभियान:

अभियानयह क्या करता हैकिन रोगों पर प्रभाव
स्वच्छ भारत मिशनशौचालय बनवाना और उनका उपयोग कराना, कचरा हटाना, नालियाँ साफ करानाहैजा, आंत्र ज्वर, यकृतशोथ ए, गोल कृमि, अतिसार
पल्स पोलियो / सार्वभौम टीकाकरण अभियानघर-घर जाकर प्रत्येक बच्चे को पोलियो ड्रॉप्स तथा अन्य टीके देनापोलियो, खसरा, टेटेनस, हेपेटाइटिस
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवसविद्यालयी बच्चों को कृमिनाशक गोली देनाएस्केरिसता तथा अन्य कृमि संक्रमण
डेंगू विरोधी ‘शुष्क दिवस’ अभियानसप्ताह में एक बार कूलर, टायर, गमले और टंकियाँ खाली करानाडेंगू, मलेरिया तथा अन्य मच्छर जनित रोग
फिट इंडिया मूवमेंटदैनिक शारीरिक सक्रियता, योग और संतुलित आहार को प्रोत्साहनअसंचरणीय रोग — स्थूलता, मधुमेह, हृदय रोग
चर्चा कीजिए: इनमें से किन अभियानों में सबके भाग लिए बिना काम नहीं चलता और किनसे उस एक परिवार को भी लाभ होता है जो अकेले उसका पालन करे? आप पाएँगे कि स्वच्छता और मच्छर विरोधी अभियानों को पूरे समुदाय की आवश्यकता है, जबकि टीकाकरण और व्यायाम व्यक्ति की सीधे सहायता करते हैं।
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