यह कि स्वच्छता बनाए रखने जैसे सरल उपाय संचरणीय रोगों के फैलाव को बहुत कम कर सकते हैं — और ये तब सर्वाधिक प्रभावी होते हैं जब पूरा समुदाय एक साथ प्रयास करे।
भद्रक के अध्ययन की शृंखला देखिए—
→ अधिक लोगों ने शौचालय बनाए और उनका उपयोग किया
→ खुले में शौच की समस्या में बड़े स्तर तक कमी
→ पेयजल और मृदा उत्सर्जी पदार्थ से दूषित होना बंद
→ अतिसार और संक्रमण के मामले कम; बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार
दूसरा निष्कर्ष उतना ही महत्त्वपूर्ण है — केवल एक परिवार का शौचालय पर्याप्त नहीं है। जल और मृदा साझा होते हैं, अतः अतिसार के मामले तभी घटे जब अभियान पूरे गाँव तक पहुँचा। स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, कुछ हद तक सामुदायिक विषय भी है।