कुतूहल अध्याय 3 क्रियाकलाप 3.5

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अपने आस-पड़ोस में जीवनशैली से संबंधित तीन सबसे सामान्य रोगों का पता लगाइए। किसी चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी या परिवार के ऐसे सदस्य से बात कीजिए जिसे स्वास्थ्य के विषय में जानकारी हो और जो यह बता सके कि जीवनशैली में किस प्रकार के परिवर्तन से इन रोगों की रोकथाम अथवा प्रबंधन किया जा सकता है।
उत्तर

सर्वेक्षण की विधि। जाने से पूर्व तीन प्रश्न तैयार कीजिए— यहाँ जीवनशैली से जुड़े कौन-से रोग सबसे अधिक दिखाई देते हैं? ये प्रायः किस आयु में आरंभ होते हैं? आप सबसे पहले कौन-सा परिवर्तन सुझाते हैं? निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक, नर्स, आशा अथवा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से और ऐसे परिवारजनों से बात कीजिए जो किसी रोग का प्रबंधन कर रहे हैं। उत्तर लिखते समय किसी का नाम मत लिखिए — किसी का रोग उसकी निजी बात है। जो सुना, उसकी जाँच किसी विश्वसनीय स्वास्थ्य वेबसाइट अथवा अपने विज्ञान के शिक्षक से कीजिए।

नमूना उत्तर। भारत के अधिकांश मोहल्लों में सबसे अधिक बताए जाने वाले तीन रोग हैं—

  1. मधुमेह — अध्याय के अनुसार भारत अब विश्व में मधुमेह के सबसे अधिक मामलों वाले देशों में से एक है।
  2. उच्च रक्तचाप
  3. स्थूलता — सूचना पट्ट के अनुसार 28.6% भारतीय स्थूलकाय हैं।

स्वास्थ्यकर्मी प्रायः तीनों के लिए एक ही पहली सलाह देते हैं, क्योंकि तीनों परस्पर जुड़े हैं— कम तेल, चीनी और नमक वाला संतुलित आहार; नियमित शारीरिक सक्रियता; पर्याप्त नींद; तंबाकू और मद्य से दूरी; तथा नियमित अंतराल पर जाँच जिससे रोग आरंभ में ही पकड़ में आ जाए।

एक ही सलाह तीनों पर क्यों लागू होती है: ये तीन अलग-अलग दुर्घटनाएँ नहीं हैं। ये आहार, सक्रियता के स्तर और तनाव के एक ही संयोजन से पनपते हैं, अतः उस संयोजन में किया गया परिवर्तन तीनों पर एक साथ कार्य करता है।
ध्यान दीजिए: जीवनशैली अनेक कारणों में से एक है — अध्याय स्वयं आदतों के साथ-साथ हॉर्मोन असंतुलन और ‘अन्य कारणों’ को भी गिनाता है। जो पाया, उसे स्वास्थ्य के विषय के रूप में लिखिए, किसी का दोष बताकर नहीं।
प्र2.
तालिका 3.2 में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए और जीवनशैली से संबंधित रोगों के विषय में और अधिक जानिए।
उत्तर

पुस्तक में दी गई प्रविष्टियाँ यथावत रखी गई हैं और रिक्त स्थान भरे गए हैं। चौथी पंक्ति आपके अपने सर्वेक्षण में मिले रोग के लिए है — यहाँ नमूने के रूप में अस्थमा लिया गया है।

क्र.सं.जीवनशैली से संबंधित सामान्य रोगों के नामसंकेत और लक्षणजीवनशैली में सुझाए गए परिवर्तन
1.स्थूलताआयु और लंबाई के अनुपात में शरीर का भार स्वस्थ सीमा से बहुत अधिक; थोड़े परिश्रम में ही थकान या श्वास फूलना; घुटनों तथा जोड़ों में दर्द; खर्राटे और बाधित नींदसंतुलित आहार लेना और नियमित व्यायाम करना
2.मधुमेहबार-बार पेशाब आना; अत्यधिक प्यास लगना; भार घटना; थकान; धीमी गति से घाव भरनाकम चीनी और कम प्रसंस्कृत भोजन वाला संतुलित आहार; नियमित शारीरिक सक्रियता; पर्याप्त नींद; शरीर का भार स्वस्थ सीमा में रखना; चिकित्सक के परामर्श के अनुसार रक्त शर्करा की जाँच
3.उच्च रक्तचापप्रायः कोई लक्षण नहीं — यह केवल रक्तचाप मापने पर ही पता चलता है; कभी-कभी सिरदर्द, चक्कर आना अथवा श्वास फूलनाकम नमक तथा कम तैलीय एवं प्रसंस्कृत भोजन; नियमित व्यायाम; विश्राम अथवा योग से तनाव प्रबंधन; पर्याप्त नींद; तंबाकू और मद्य से दूरी; नियमित अंतराल पर रक्तचाप की माप
4.अस्थमा (दमा) — नमूनासाँस में सीटी जैसी ध्वनि, बार-बार खाँसी, छाती में जकड़न, श्वास लेने में कठिनाई — धूल, धुएँ अथवा ठंडी वायु में प्रायः बढ़ जानाधुएँ और धूल से दूर रहना; घर को धूलरहित रखना; बाहर व्यायाम से पूर्व AQI देखना; प्राणायाम जैसे श्वास व्यायाम; चिकित्सक द्वारा दी गई औषधि साथ रखना
उच्च रक्तचाप सबसे कठिन क्यों है: इसमें प्रायः कोई लक्षण नहीं होता, अतः यह तभी पता चलता है जब कोई इसे मापे। जिस रोग का कोई लक्षण न हो वह हल्का रोग नहीं होता — वह ऐसा रोग होता है जिसका उपचार ही नहीं हो पाता। इसीलिए अध्याय अंत में कहता है कि शीघ्र निदान और निरंतर देखभाल अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।
ध्यान दीजिए: स्थूलता भी इस तालिका के अन्य तीन रोगों की भाँति एक स्वास्थ्य स्थिति है। अध्याय स्वयं बताता है कि ऐसी स्थितियाँ अनेक कारणों के संयोजन से पनपती हैं — आहार, शारीरिक सक्रियता, हॉर्मोन असंतुलन और अन्य कारण — अतः इसका यहाँ वर्णन किया गया है, मूल्यांकन नहीं।
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