प्र1.
यदि मैं विटामिन और खनिजों का सेवन अधिक मात्रा में करूँ तो क्या होगा?
उत्तर
पोषक तत्व उचित मात्रा में ही लाभ करते हैं। कमी से अभावजन्य रोग होते हैं और अधिकता भी अस्वस्थ कर सकती है।
| मात्रा | परिणाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| बहुत कम | अभावजन्य रोग — जो एक असंचरणीय रोग है | स्कर्वी (विटामिन सी), एनीमिया (लोहा), घेंघा (आयोडीन) — कक्षा 6 में पढ़ा |
| उचित मात्रा | सामान्य वृद्धि और शरीर का सामान्य कार्य | संतुलित आहार से यह मात्रा मिल जाती है |
| बहुत अधिक | अतिरिक्त मात्रा या तो बाहर निकल जाती है या संचित होती है, और संचित अधिकता हानि कर सकती है | विटामिन ए की अधिकता से सिरदर्द तथा यकृत को हानि; विटामिन डी की अधिकता से रक्त में कैल्सियम बढ़कर वृक्क को हानि; लोहे की अधिकता विषाक्त होती है |
ऐसा क्यों होता है: विटामिन बी और सी जल में घुलनशील हैं, अतः इनकी थोड़ी अधिकता मूत्र के साथ बाहर निकल जाती है। विटामिन ए, डी, ई और के वसा में घुलनशील हैं और अधिकांश खनिजों की भाँति शरीर में संचित हो जाते हैं। जो संचित होता है वह बढ़ सकता है, और बहुत बढ़ जाने पर वह उसी अंग के कार्य में बाधा डालने लगता है जिसमें वह संचित है।
संकेत: प्रचुर फल, सब्जियों और साबुत अनाज वाला संतुलित आहार इन पोषक तत्वों को स्वयं ही उचित मात्रा में दे देता है। गोलियाँ और अनुपूरक औषधियाँ हैं — इन्हें तभी लेना उचित है जब चिकित्सक बताए कि किसी विशेष पोषक तत्व की कमी है।