कुतूहल अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
सूचना पट्ट पर लगी समाचार पत्र की कतरनें हमारे देश में लोगों के स्वास्थ्य के संबंध में आपको क्या बताती हैं?
उत्तर

सभी कतरनें मिलकर यह बताती हैं कि आज भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ संक्रमण नहीं, अपितु हमारी जीवनशैली और हमारा परिवेश हैं

कतरन क्या कहती हैयह हमें क्या बताती है
भारत की 11.4% जनसंख्या मधुमेह से ग्रस्त है; भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं (आई.सी.एम.आर.); 28.6% भारतीय स्थूलकाय हैं; दक्षिण-पूर्व एशियाई लोग मधुमेह और हृदयाघात से अधिक पीड़ित होते हैं (डबल्यू.एच.ओ.)असंचरणीय, जीवनशैली से जुड़े रोग अत्यंत व्यापक हो चुके हैं
मधुमेह होने के प्रमुख कारणों में से एक कारण फास्ट फूड है; आहार मंत्र— आहार में तेल और चीनी की मात्रा कम करेंहम जो खाते हैं उसका इन रोगों से सीधा संबंध है
बच्चों में स्क्रीन टाइम बढ़ने से स्थूलता, निद्रा संबंधी विकार और व्यग्रता में वृद्धि होती है; स्क्रीन को अधिक समय तक देखने से बच्चों में शुष्क नेत्र रोग होता हैबच्चों को रोगाणु नहीं, आदतें हानि पहुँचा रही हैं
सोशल मीडिया में अत्यधिक समय व्यतीत करने से एकाकीपन में वृद्धिमानसिक और सामाजिक कल्याण भी स्वास्थ्य का भाग है
वायु प्रदूषण एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति है; स्वास्थ्य संबंधी संकट के प्रमुख कारकों में से एक कारक वायु प्रदूषण हैपर्यावरण भी स्वास्थ्य तय करता है
मानसून के आने पर मलेरिया और डेंगू ज्वर के मामलों में वृद्धि होती हैसंचरणीय रोग समाप्त नहीं हुए हैं — वे ऋतु के अनुसार आते हैं
नियमित रूप से हाथ धोने से संक्रमण 50% तक कम हो जाता है; योग से व्यग्रता कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है; फिट इंडिया मूवमेंट; आहार में तेल की मात्रा 10% तक कम करेंइसमें से बहुत कुछ सरल, दैनिक आदतों से रोका जा सकता है
यह क्यों महत्त्वपूर्ण है: ध्यान दीजिए कि कतरनें शरीर (मधुमेह, स्थूलता), मन (एकाकीपन, व्यग्रता) और परिवेश (वायु प्रदूषण) — तीनों को छूती हैं। यही डबल्यू.एच.ओ. की स्वास्थ्य की पूरी परिभाषा है, जो समाचार पत्र में प्रकट हो रही है।
प्र2.
क्या स्वस्थ रहने का अर्थ केवल रोग का नहीं होना ही है?
उत्तर

नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यू.एच.ओ.) के अनुसार स्वास्थ्य पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की स्थिति है, न कि मात्र रोगों की अनुपस्थिति

शारीरिक मानसिक सामाजिक स्वास्थ्य
पुस्तक का चित्र 3.1 — स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण का मिलन बिंदु है; व्यक्ति तभी स्वस्थ है जब तीनों एक साथ हों।

अतः स्वस्थ व्यक्ति वह है जो—

  • अपने शरीर की देखभाल करता है — पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, व्यायाम, पर्याप्त नींद;
  • मानसिक दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाए रखता है; और
  • सामाजिक जीवन का आनंद लेता है तथा पारस्परिक संबंधों को दृढ़ बनाए रखता है।

ऐसा व्यक्ति सामान्यतः विभिन्न कार्यों को अधिक कुशलता से कर सकता है, भिन्न-भिन्न तथा कठिन परिस्थितियों का भली-भाँति सामना कर सकता है और अपने साथियों तथा समाज के अन्य सदस्यों के साथ भली प्रकार सामंजस्य बना सकता है।

ऐसा क्यों होता है: तीनों आयाम एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। अपर्याप्त नींद (शारीरिक) से एकाग्रता और मनोदशा बिगड़ती है (मानसिक); एकाकीपन (सामाजिक) से सिरदर्द और भार में कमी आ सकती है (शारीरिक), जैसा क्रियाकलाप 3.1 दिखाता है। एक को सुधारकर शेष दो की उपेक्षा नहीं की जा सकती।
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