प्र1.
क्या आपने अनुभव किया कि यह सतह से चिपकता है?
उत्तर
हाँ — समतल चिकने पृष्ठ पर बलपूर्वक दबाने के पश्चात चूषक स्वयं वहीं चिपका रहता है।
कप को दबाने से उसके और पृष्ठ के बीच की अधिकांश वायु बाहर निकल जाती है। भीतर बहुत कम वायु रह जाती है, अत: चूषक के भीतर का वायु दाब बाहर के वायुमंडलीय दाब से बहुत कम हो जाता है। अब बाहर की वायु चूषक को चारों ओर से पृष्ठ पर दबाए रखती है और वह चिपका रहता है।
पृष्ठ चिकना क्यों होना चाहिए: खुरदरे पृष्ठ पर कप और उभारों के बीच के सूक्ष्म अंतरालों से वायु निरंतर भीतर आती रहती है। भीतर का दाब कभी घटता ही नहीं, दाब का अंतर बनता ही नहीं, अत: चूषक नहीं चिपकता।