गुब्बारा स्वयं फूल जाएगा और बोतल के मुँह पर तनकर खड़ा हो जाएगा — जबकि आपने उसमें फूँक भी नहीं मारी।
कैसे करें। एक खाली, सूखी बोतल लीजिए और गुब्बारे के मुँह को उसकी गर्दन पर इतना कसकर चढ़ाइए कि कहीं से वायु न निकल सके। बोतल को गरम जल से भरे किसी बर्तन में इस प्रकार खड़ा कीजिए कि उसका अधिकांश भाग जल में डूबा रहे। एक-दो मिनट गुब्बारे को देखिए। फिर बोतल को निकालकर ठंडे जल में रखिए और पुन: देखिए।
आप क्या देखेंगे।
| बोतल कहाँ रखी है | गुब्बारा |
|---|---|
| गरम जल में | धीरे-धीरे फूलकर तन जाता है |
| इसके बाद ठंडे जल में | पिचककर पुनः ढीला पड़ जाता है |