कक्षा ८ विज्ञान अध्याय 7 द्रव्य की कणीय प्रकृति के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
प्रत्येक द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म घटक कणों की बहुत बड़ी संख्या से बना होता है। ये कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें किसी सामान्य सूक्ष्मदर्शी से भी नहीं देखा जा सकता। तोड़ने या पीसने से ये कण नहीं बदलते — केवल कणों का एक समूह दूसरे समूह से पृथक होता है। कण परस्पर आकर्षण बलों द्वारा जुड़े रहते हैं जिन्हें अंतराकणीय आकर्षण कहते हैं। इनकी प्रबलता पदार्थ की प्रकृति एवं अंतराकणीय दूरी पर निर्भर करती है — दूरी में अल्प वृद्धि भी इन बलों को अत्यधिक कम कर देती है। इन्हीं बलों की प्रबलता भौतिक अवस्था निर्धारित करती है। ठोस में कण सुसंकुलित होते हैं, आकर्षण प्रबलतम होता है और कण केवल अपनी नियत स्थिति पर कंपन कर सकते हैं — अत: निश्चित आकृति और निश्चित आयतन। द्रव में आकर्षण कुछ दुर्बल होता है, कण सीमित स्थान के भीतर गति करते हैं — निश्चित आयतन, परंतु आकृति निश्चित नहीं। गैस में आकर्षण नगण्य होता है और कण स
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | पुस्तक से उदाहरण |
|---|---|---|---|
| घटक कण | वह मूल इकाई जिससे किसी पदार्थ या सामग्री के बड़े टुकड़े का निर्माण होता है | खंड 7.1, पृष्ठ 100 | चॉक को निरंतर पीसते जाने पर अंत में वे ही इकाइयाँ शेष रहती हैं जिनसे चॉक बना था (क्रियाकलाप 7.1) |
| अंतराकणीय स्थान | घटक कणों के बीच का स्थान; इसमें कुछ भी विद्यमान नहीं होता, वायु भी नहीं | खंड 7.1 एवं 7.3, पृष्ठ 101 एवं 109 | चीनी घुलने पर जलस्तर ‘ब’ से ‘स’ तक घट जाता है (क्रियाकलाप 7.7, चित्र 7.10) |
| अंतराकणीय आकर्षण | कणों को परस्पर जोड़े रखने वाला आकर्षण बल; अंतराकणीय दूरी बढ़ने पर यह तेज़ी से घटता है | खंड 7.2, पृष्ठ 101 | लोहे के टुकड़े में प्रबलतम, जल में दुर्बल, वायु में नगण्य |
| ठोस अवस्था | निश्चित आकृति एवं आयतन; कण सुसंकुलित, आकर्षण प्रबलतम, गति केवल नियत स्थिति पर कंपन | खंड 7.2.1, पृष्ठ 102 | लोहे की कील, सेंधा नमक, पत्थर, चाबी, लकड़ी का गुटका, ऐलुमिनियम (चित्र 7.3) |
| द्रव अवस्था | निश्चित आयतन, परंतु आकृति निश्चित नहीं; कण गति करते हैं पर केवल सीमित स्थान के भीतर | खंड 7.2.2, पृष्ठ 104 | वही 200 mL जल पात्र ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ में (क्रियाकलाप 7.4, चित्र 7.5) |
| गैसीय अवस्था | न आकृति निश्चित, न आयतन; आकर्षण नगण्य, कण सभी दिशाओं में स्वतंत्र गति करते हैं | खंड 7.2.3, पृष्ठ 106 | धुआँ गैस जार ‘ब’ के संपूर्ण स्थान को भर देता है (क्रियाकलाप 7.5, चित्र 7.7) |
| गलनांक | वायुमंडलीय दाब पर वह न्यूनतम तापमान जिस पर ठोस पिघलकर द्रव बनता है | खंड 7.2.1, पृष्ठ 103 | बर्फ 0 °C, यूरिया 133 °C, लोहा 1538 °C (तालिका 7.1) |
| क्वथनांक | वायुमंडलीय दाब पर वह तापमान जिस पर द्रव उबलकर वाष्प में परिवर्तित होता है | खंड 7.2.2, पृष्ठ 105 | बुलबुले केवल सतह पर नहीं, द्रव के भीतर भी बनते हैं |
| वाष्पन | द्रव का वाष्प में धीमा परिवर्तन, जो प्रत्येक तापमान पर और केवल सतह से होता है | खंड 7.2.2, पृष्ठ 105 | छलका हुआ जल कुछ समय बाद लुप्त हो जाता है |
| तरल | द्रव एवं गैस — दोनों प्रवाहित होते हैं और इनकी निश्चित आकृति नहीं होती | खंड 7.2.3, पृष्ठ 106 | एक पात्र से दूसरे में उँडेला गया जल; गैस जार में फैलता धुआँ |
| ऊष्मीय ऊर्जा | कणों की ऊष्मा-ऊर्जा; यही तय करती है कि कण कितनी दूरी पर रहेंगे, अत: पदार्थ की अवस्था भी | आइए, इसे दोहराएँ!, पृष्ठ 112 | ठोस में निम्न, द्रव में अधिक, गैस में सर्वाधिक |
| निलंबित कणीय द्रव्य (SPM) | वायु में निलंबित धूल के सूक्ष्म कण — ये घटक कण नहीं हैं; प्रत्येक धूल कण स्वयं परमाणुओं एवं अणुओं की अत्यधिक संख्या से बना होता है | एक सोपान ऊपर, पृष्ठ 109 | वायु प्रदूषण की चर्चा में प्रयुक्त होने वाला पद |
अभ्यास
- खोजबीन और विचार करें
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.1
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.2
- पाठ्य प्रश्न
- हमारी वैज्ञानिक परंपरा
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.3
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.6
- क्रियाकलाप 7.7
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.8
- वैज्ञानिक की भाँति सोचें
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.9
- पाठ्य प्रश्न
- जिज्ञासा बनाए रखें
- खोजें, अभिकल्पित करें और चर्चा करें