प्र1.
अनुमान लगाइए कि चिह्न ‘ब’ के संदर्भ में जल का स्तर बढ़ेगा या घटेगा।
उत्तर
अनुमान: स्तर घटेगा। चीनी घुलने के पश्चात अंतिम स्तर ‘स’ चिह्न ‘ब’ से नीचे आ जाता है — और जैसा चित्र 7.10 (घ) दिखाता है, वह ‘अ’ से कुछ ऊपर ही रहता है।
अ = केवल जल का स्तर
ब = चीनी डालने के बाद, परंतु घुलने से पहले का स्तर
स = चीनी घुल जाने के बाद का स्तर
अ < स < ब, अत: स्तर ‘ब’ से घटता है
ब = चीनी डालने के बाद, परंतु घुलने से पहले का स्तर
स = चीनी घुल जाने के बाद का स्तर
अ < स < ब, अत: स्तर ‘ब’ से घटता है
यह अनुमान क्यों सही निकलता है: चिह्न ‘ब’ पर चीनी तली में ढेर के रूप में पड़ी है और पात्र में अपना स्थान घेरकर जल को ऊपर उठाए हुए है। घुलते ही उसके कण पृथक होकर जल के कणों के बीच पहले से विद्यमान अंतराकणीय स्थानों में चले जाते हैं — वह स्थान जिसे पहले गिना ही नहीं जा रहा था। अत: विलयन का आयतन जल और चीनी के आयतनों के योग से कम निकलता है और स्तर नीचे आ जाता है।
‘स’ ठीक ‘अ’ तक क्यों नहीं गिरता: चीनी के प्रत्येक कण के लिए रिक्त स्थान उपलब्ध नहीं होते, अत: विलयन अकेले जल की तुलना में कुछ अधिक स्थान घेरता ही है।