कुतूहल अध्याय 7 क्रियाकलाप 7.6

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आप क्या अवलोकन करते हैं?
उत्तर

चार बातें, इसी क्रम में:

  1. अँगूठे से खुला सिरा बंद रखने पर भी प्लंजर भीतर की ओर दबाया जा सकता है — सिरिंज के अंदर वायु का आयतन कम हो जाता है, जबकि वायु बाहर नहीं निकल रही।
  2. जैसे-जैसे आप दबाते जाते हैं, दबाना कठिन होता जाता है। वायु अधिकाधिक प्रतिरोध करती है।
  3. दबाना रोकते ही प्लंजर स्वयं अपनी मूल स्थिति में लौट आता है
  4. यही क्रियाकलाप वायु के स्थान पर जल भरकर दोहराइए — प्लंजर लगभग हिलता ही नहीं। जल व्यावहारिक रूप से असंपीड्य है।
दोनों का व्यवहार इतना भिन्न क्यों: गैस में अंतराकणीय स्थान अधिकतम होता है, अत: दबाने पर कण पास आ जाते हैं और गैस कम स्थान घेरती है। द्रव में कण पहले से ही निकट हैं, अत: निकालने के लिए लगभग कोई अतिरिक्त स्थान बचा ही नहीं है।
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