प्र1.
क्या आप दैनिक जीवन से संबंधित ऐसी अन्य परिस्थितियाँ साझा कर सकते हैं जिनमें आपने किसी गैस के कणों की गति का अनुभव किया हो?
उत्तर
हाँ — ऐसा प्रतिदिन अनेक बार होता है। प्रत्येक स्थिति में कण एक स्थान से दूसरे स्थान तक बिना किसी के ले जाए पहुँच जाते हैं, क्योंकि वायु के कण निरंतर गति करते हैं और उन्हें धकेलते रहते हैं।
| दैनिक जीवन की स्थिति | क्या गति कर रहा है, और आपको कैसे पता चलता है |
|---|---|
| रसोई में दाल के छौंक की सुगंध का दूर वाले कमरे तक पहुँचना | भोजन के कण पूरे घर की वायु में फैल जाते हैं |
| मंदिर के एक कोने में जलाया गया कपूर या अगरबत्ती | उसके कण प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँच जाते हैं, ठीक क्रियाकलाप 7.9 की भाँति |
| कक्ष के एक सिरे पर प्रयुक्त मच्छर भगाने वाली दवा या फिनाइल | गंध शीघ्र ही पूरे कक्ष में उपस्थित हो जाती है |
| दूसरे कमरे से ही रसोई गैस के रिसाव की गंध का अनुभव होना | गैस स्वयं फैल जाती है — इसीलिए उसमें तीव्र गंध मिलाई ही जाती है |
| कलाई पर लगाया गया इत्र दूर खड़े व्यक्ति को भी अनुभव होना | द्रव से बनी वाष्प वायु में फैलकर वहाँ तक पहुँच जाती है |
| रसोई में कटा हुआ प्याज दरवाज़े पर खड़े व्यक्ति की आँखों में जलन कर देना | प्याज के कण वायु के माध्यम से पूरे कक्ष में फैल जाते हैं |
| गली में मुड़ने से पहले ही गरम जलेबियों की सुगंध आ जाना | कण दुकान से चारों दिशाओं में बाहर की ओर फैलते हैं |
क्या आपने कभी सुना है… पुस्तक का अपना उदाहरण, जिसमें द्रव्य की कणीय प्रकृति काम करती है: तेल के धब्बे वाले कपड़ों को साबुन से धोते समय साबुन के अनेक कण तेल के कणों को चारों ओर से घेर लेते हैं। साबुन के कण का एक सिरा तेल से जुड़ जाता है और दूसरा जल के साथ, जिससे तेल बाहर निकल आता है और धुल जाता है (चित्र 7.15)।