कुतूहल अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आप जल में अपनी अँगुली घुमा पा रहे हैं?
उत्तर

हाँ — सरलतापूर्वक, और जल को स्थायी रूप से तोड़े या काटे बिना। यही प्रयास किसी पत्थर में कीजिए तो अँगुली तनिक भी नहीं घुमा पाएँगे।

वास्तव में आपकी अँगुली जल को अस्थायी रूप से विस्थापित करती है। द्रव में अंतराकणीय आकर्षण ठोस की अपेक्षा दुर्बल होते हैं, अत: कणों को किनारे धकेला जा सकता है और वे एक-दूसरे के पास से सरक सकते हैं। जैसे ही आप अँगुली हटाते हैं, कण पुनः पास आ जाते हैं और जल अपनी पूर्व स्थिति ग्रहण कर लेता है — न कोई कटाव, न कोई छिद्र, न कोई निशान।

परंतु आकर्षण शून्य नहीं है: ये बल अब भी इतने प्रबल हैं कि कणों को एक-दूसरे के निकट रखते हैं। इसीलिए जल पात्र में एक ही पिंड के रूप में निश्चित आयतन लिए रहता है और गैस की भाँति पूरे कक्ष में बिखर नहीं जाता। द्रव ठोस और गैस के बीच की अवस्था है और यह क्रियाकलाप आपको वह अंतर हाथ से अनुभव करा देता है।
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