प्र1.
क्या आप दोनों टर्मिनलों पर रखी परखनलियों के अंदर गैस के बुलबुले बनते हुए देखते हैं?
उत्तर
हाँ। 9V बैटरी के दोनों टर्मिनलों से महीन बुलबुले लगातार ऊपर उठते हैं और जल से भरी परखनलियों के बंद सिरे पर एकत्रित होकर जल को नीचे धकेलते जाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: जल में से प्रवाहित विद्युत उसे दो गैसों में विघटित कर देती है। बीकर में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें बिना कारण नहीं डाली गईं — शुद्ध जल विद्युत को बहुत कम प्रवाहित करता है, और अम्ल जल को इतना चालक बना देता है कि परिवर्तन दिखाई देने योग्य दर से हो सके।
सुरक्षा सर्वोपरि: यह क्रियाकलाप शिक्षक के निर्देशन में ही किया जाना चाहिए, सल्फ्यूरिक अम्ल से कार्य करते समय सावधानी रखिए और लिथियम-आयन बैटरी का प्रयोग कदापि न करें।