प्र1.
एक क्वथन नली में एक चम्मच चीनी लीजिए। इसे चित्र 8.12 (क) में दर्शाए अनुसार धीरे-धीरे गरम करें। आप क्या अवलोकन करते हैं?
उत्तर
चीनी में तीन स्पष्ट चरणों में परिवर्तन होता है।
- वह पिघलकर भूरे रंग की हो जाती है (चित्र 8.12, ख)।
- और गरम करने पर वह जलना आरंभ कर देती है — अर्थात काली हो जाती है (चित्र 8.12, ग)।
- क्वथन नली के खुले सिरे के समीप अंदर की ओर जल की छोटी-छोटी बूँदें दिखाई देती हैं, और नली में एक काला ठोस, चारकोल (कार्बन), शेष रह जाता है।
चीनी (गरम करने पर) → कार्बन + जल
ऐसा क्यों होता है: चीनी गरम करने पर विघटित हो जाती है। जल और काला चारकोल पहले नली में थे ही नहीं, अत: पदार्थों का एक नया समूह बना है — यह रासायनिक परिवर्तन है और यही प्रमाण है कि चीनी एक से अधिक तत्वों से बनी है।
सुरक्षा सर्वोपरि: यह क्रियाकलाप शिक्षक की उपस्थिति में ही किया जाना चाहिए। क्वथन नली को परखनली होल्डर से पकड़िए और उसका मुख सबसे दूर की ओर रखिए।