प्र1.
क्या प्रतिदर्श ‘अ’ और ‘ब’ एक समान दिखते हैं?
उत्तर
नहीं। प्रतिदर्श ‘अ’ चितकबरा है — पीले सल्फर के बीच काला लोहा; प्रतिदर्श ‘ब’ पूरे पदार्थ में एक समान काला है, जिसका रंग और बनावट सर्वत्र एक जैसी है।
ऐसा क्यों होता है: प्रतिदर्श ‘अ’ में दोनों तत्व अब भी स्वयं के रूप में उपस्थित हैं, अत: आपको एक ही साथ दोनों के स्वरूप दिखते हैं। प्रतिदर्श ‘ब’ में वे मिलकर एक नया पदार्थ, आयरन सल्फाइड, बन चुके हैं, और किसी एक पदार्थ का स्वरूप एक ही हो सकता है।