कक्षा ९ गणित अध्याय 5 मैं हूँ गोल-गोल, ऊपर-नीचे के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

वृत्त किसी दिए गए बिंदु (केंद्र) से एक निश्चित दूरी (त्रिज्या) पर स्थित बिंदुओं का बिंदुपथ है। प्रत्येक व्यास परावर्तन सममिति की रेखा है और वृत्त में केंद्र के सापेक्ष किसी भी कोण से घूर्णन सममिति होती है। दिए गए दो बिंदुओं A और B से होकर अनंत वृत्त जाते हैं; इन सभी के केंद्र AB के लंब समद्विभाजक पर स्थित होते हैं। तीन असंरेखीय बिंदुओं से होकर ठीक एक ही वृत्त जाता है — वही परिवृत्त है। समान जीवाएँ ⇔ केंद्र पर समान कोण; समान जीवाएँ ⇔ केंद्र से समान दूरी। दो असमान जीवाओं में लंबी जीवा केंद्र के अधिक समीप होती है और व्यास सबसे लंबी जीवा है। केंद्र से जीवा के मध्यबिंदु को मिलाने वाली रेखा जीवा पर लंब होती है और केंद्र से खींचा गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। इसी से सूत्र जीवा = 2√(r² − d²) प्राप्त होता है। कोई चाप केंद्र पर उससे दोगुना कोण अंतरित करता है जो वह चाप के बाहर वृत्त के किसी बि

त्वरित पुनरावृत्ति
परिणामकथनएक पंक्ति में कारणकहाँ काम आता है
प्रमेय 1तीन असंरेखीय बिंदुओं से होकर ठीक एक ही वृत्त जाता हैAB और AC के लंब समद्विभाजक केवल एक बिंदु पर मिलते हैंपरिवृत्त की रचना
प्रमेय 2 व 3समान जीवाएँ ⇔ केंद्र पर समान कोणदोनों त्रिज्या-जीवा त्रिभुजों पर SSS (और SAS)दो जीवाओं की तुलना
प्रमेय 4 व 5केंद्र से मध्यबिंदु तक की रेखा जीवा पर लंब; केंद्र से लंब जीवा को समद्विभाजित करता हैΔCMA ≅ ΔCMB तथा ∠CMA + ∠CMB = 180°जीवा को दो बराबर भागों में बाँटना
प्रमेय 6 व 7समान जीवाएँ ⇔ केंद्र से समदूरस्थΔCEA और ΔCHF पर RHS (आधी जीवाएँ व त्रिज्याएँ समान)समांतर जीवाओं के प्रश्न
प्रमेय 8दो असमान जीवाओं में लंबी जीवा केंद्र के अधिक समीपr² = d² + (आधी जीवा)², अत: जीवा बढ़ने पर d घटता हैजीवाओं को दूरी के क्रम में रखना
जीवा का सूत्रजीवा = 2√(r² − d²)आधी जीवा वाले समकोण त्रिभुज में बौधायन-पाइथागोरस प्रमेयलगभग हर संख्यात्मक प्रश्न
प्रमेय 9केंद्र पर कोण = चाप के बाहर वृत्त के बिंदु पर बने कोण का 2 गुनादो समद्विबाहु त्रिभुजों पर बाह्य कोण प्रमेयअज्ञात कोण ज्ञात करना
उपप्रमेयअर्धवृत्त का कोण 90° होता हैव्यास द्वारा अंतरित ऋजु कोण 180° का आधावृत्त में समकोण पहचानना
प्रमेय 10AB के एक ही ओर दो बिंदुओं पर समान कोण ⇒ चारों बिंदु संवृत्तीयD के अंदर व बाहर होने — दोनों से विरोधाभासबिंदुओं की संवृत्तीयता सिद्ध करना
प्रमेय 11 व 12चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° (और विलोम)केंद्र पर बने दोनों आधे कोणों का योग ½ × 360°चक्रीय चतुर्भुज में कोण ज्ञात करना
  1. पाठ्य प्रश्न
  2. सोचिए और विचार कीजिए
  3. सोचिए और विचार कीजिए
  4. सोचिए और विचार कीजिए
  5. पाठ्य प्रश्न
  6. प्रश्नावली 5.1
  7. सोचिए, रचना कीजिए और निष्कर्ष निकालिए
  8. प्रश्नावली 5.2
  9. प्रश्नावली 5.3
  10. पाठ्य प्रश्न
  11. प्रश्नावली 5.4
  12. पाठ्य प्रश्न
  13. प्रश्नावली 5.5
  14. पाठ्य प्रश्न
  15. प्रश्नावली 5.6
  16. पाठ्य प्रश्न
  17. अंतिम प्रश्नावली
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