कक्षा ९ गणित अध्याय 6 समष्टि मापन — परिमाप और क्षेत्रफल के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
प्रत्येक वृत्त के लिए परिधि और व्यास का अनुपात एक ही संख्या π है। अतः C = 2πr = πd । π अपरिमेय है (लैम्बर्ट, 1761), इसलिए कोई भी भिन्न उसके बराबर नहीं — π ≈ 22/7 है किंतु π ≠ 22/7 । अधिक सटीक मान 355/113 (जू चोंगजी) और 3.1416 (आर्यभट) हैं; माधव ने पहला सटीक सूत्र दिया — π/4 = 1 − 1/3 + 1/5 − 1/7 + … वृत्त में घूर्णन सममिति है, इसलिए केंद्र पर θ° अंतरित करने वाली चाप पूरे वृत्त का θ/360 भाग होती है। अतः चाप की लंबाई = 2πr × θ°/360° तथा त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = πr² × θ°/360° । अर्द्धवृत्त (πr) और चतुर्थांश (πr/2) इन्हीं के θ = 180° और θ = 90° वाले रूप हैं। आयत का क्षेत्रफल = ab ; समांतर चतुर्भुज का = आधार × ऊँचाई (एक सिरे से त्रिभुज काटकर दूसरे सिरे पर लगाइए); त्रिभुज का = ½ × आधार × ऊँचाई (दो सर्वांगसम प्रतियाँ मिलकर समांतर चतुर्भुज बनाती हैं)। केवल भुजाओं की लंबाई से न समांतर चतुर्भुज का
त्वरित पुनरावृत्ति
| राशि | सूत्र | कहाँ से आया | किस बात का ध्यान रखें |
|---|---|---|---|
| वृत्त की परिधि | C = 2πr = πd | π प्रत्येक वृत्त का स्थिर C/D अनुपात है | π ≈ 22/7 है, किंतु π ≠ 22/7 |
| चाप की लंबाई | l = 2πr × θ°/360° | चाप पूरे वृत्त का θ/360 भाग है | θ केंद्र पर बना कोण होना चाहिए |
| त्रिज्यखंड का परिमाप | 2πr × θ°/360° + 2r | वक्र चाप और दो सीमांत त्रिज्याएँ | दोनों त्रिज्याएँ जोड़ना न भूलें |
| वृत्त का क्षेत्रफल | A = πr² | ½ × परिधि × त्रिज्या (आर्किमिडीज) | त्रिज्या लीजिए, व्यास नहीं |
| त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल | A = πr² × θ°/360° | चाप वाला ही समानुपात तर्क | त्रिज्यखंड और वृत्तखंड अलग हैं |
| वृत्तखंड का क्षेत्रफल | त्रिज्यखंड − त्रिभुज | जीवा त्रिज्यखंड में से त्रिभुज काट देती है | θ < 180° पर लघु वृत्तखंड |
| त्रिभुज का क्षेत्रफल | ½ × आधार × ऊँचाई | घेरने वाले आयत का आधा | ऊँचाई उसी आधार पर लंब हो |
| हीरोन का सूत्र | √(s(s−a)(s−b)(s−c)), s = ½(a+b+c) | केवल तीनों भुजाओं की आवश्यकता | ऊँचाई न दी हो तब सर्वोत्तम |
| समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल | आधार × ऊँचाई | एक सिरे का त्रिभुज काटकर दूसरे सिरे पर | केवल दो भुजाएँ पर्याप्त नहीं |
| समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल | ½(a + b)h | दो प्रतियाँ a+b आधार का समांतर चतुर्भुज बनाती हैं | a और b समांतर भुजाएँ हैं |
| चक्रीय चतुर्भुज का क्षेत्रफल | √((s−a)(s−b)(s−c)(s−d)) | ब्रह्मगुप्त; d = 0 पर हीरोन | केवल परिवृत्त वाले चतुर्भुजों के लिए |
| त्रिभुज की माध्यिका | समान क्षेत्रफल के दो भाग | आधार BD = DC, ऊँचाई समान | दोनों भाग प्रायः सर्वांगसम नहीं होते |
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 6.1
- सोचिए और विचार कीजिए
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और विचार कीजिए
- सोचिए और विचार कीजिए
- सोचिए और विचार कीजिए
- प्रश्नावली 6.2
- सोचिए और विचार कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- प्रश्नावली 6.3
- अंतिम प्रश्नावली