प्र1.
“आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ।” प्रस्तुत पाठ में विश्व-प्रसिद्ध व्यक्तित्व का साक्षात्कार दिया गया है। कल्पना कीजिए कि आप भी लता मंगेशकर के इस साक्षात्कार में उपस्थित हैं। आप लता जी से कौन-कौन से अलग प्रश्न पूछते और क्यों?
उत्तर
पहले यह तय कीजिए कि प्रश्न कैसा हो। एक अच्छा साक्षात्कार-प्रश्न तीन शर्तें पूरी करता है —
- वह ‘हाँ/नहीं’ में न निपटे। ‘क्या आपको संगीत पसंद है?’ जैसा प्रश्न बातचीत मार देता है।
- वह ऐसी बात पूछे जो केवल यही व्यक्ति बता सकता हो — जिसका उत्तर किसी पुस्तक या इंटरनेट पर पहले से न मिलता हो।
- वह पिछले उत्तर से जुड़कर आगे बढ़े। साक्षात्कार सूची नहीं, धागा होता है।
नमूना उत्तर — मैं ये प्रश्न पूछता/पूछती:
| क्र. | प्रश्न | क्यों पूछता/पूछती |
|---|---|---|
| 1 | दीदी, तेरह वर्ष की उम्र में जब पूरे घर का बोझ आप पर आया, तब बचपन कहाँ चला गया? क्या कभी लगा कि आपसे कुछ छिन गया? | पाठ में तथ्य तो है (1942, 13 वर्ष), पर उस समय उन्हें कैसा लगा — यह कहीं नहीं है। साक्षात्कार का काम तथ्य के पीछे का भाव निकालना है। |
| 2 | आपने हज़ारों गीत गाए हैं। कोई एक ऐसा गीत, जिसे गाते हुए आपकी आवाज़ काँपी हो? | यह प्रश्न ‘सबसे प्रिय गीत’ से बेहतर है, क्योंकि यह गीत नहीं, एक क्षण माँगता है। ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ जैसा उत्तर स्वयं एक कहानी खोल देगा। |
| 3 | रेकॉर्डिंग से पहले आप क्या करती थीं — कोई अभ्यास, कोई नियम, कोई अंधविश्वास? | कलाकार की दिनचर्या से उसकी साधना का पता चलता है। पाठ में मेहनत की बात है, पद्धति की नहीं। |
| 4 | आपने कहा कि सफ़ेद साड़ी पहनती हैं और रंगों से परहेज करती हैं। क्या सादगी एक चुनाव है या स्वभाव? | यह पिछले उत्तर से जुड़कर आगे बढ़ता प्रश्न है — साक्षात्कार का ‘धागा’ यही बनाता है। |
| 5 | जब कोई नया गायक आपसे सीखने आता है, तो आप सबसे पहले उसे क्या सुधारने को कहती हैं? | इसका उत्तर पूरी पीढ़ी के काम आएगा — विद्यार्थियों के लिए सबसे उपयोगी प्रश्न वही है जिसका उत्तर सलाह बन जाए। |
| 6 | आपके पिताजी राग गाते हुए सुर बदलकर नया राग बना देते थे। क्या आपने भी कभी गाते-गाते ऐसा कुछ किया जो पहले से तय नहीं था? | यह प्रश्न पाठ के भीतर से उठाया गया है और उसे आगे ले जाता है — अच्छा साक्षात्कारकर्ता वही होता है जो ध्यान से सुनता है। |
| 7 | मंगलागौर जैसे उत्सव खत्म हो रहे हैं। इन लोकगीतों को बचाने के लिए हम विद्यार्थी क्या कर सकते हैं? | यह प्रश्न बात को अतीत से उठाकर आज और आगे की ओर मोड़ता है। |
| 8 | ‘नाम रह जाता है’ — तो आप चाहती हैं कि सौ साल बाद आपका नाम किस बात के लिए लिया जाए? | यह समापन-प्रश्न है। साक्षात्कार का अंतिम प्रश्न ऐसा हो जो व्यक्ति को अपने पूरे जीवन पर एक बार पीछे मुड़कर देखने का अवसर दे। |
ये प्रश्न न पूछिए: ‘आपको कितने पुरस्कार मिले?’ (उत्तर पहले से उपलब्ध है), ‘आप कितना कमाती हैं?’ (निजी और अशिष्ट), ‘आपको कौन-सा गायक बुरा लगता है?’ (किसी की निंदा कराने वाला प्रश्न)। साक्षात्कार में सम्मान पहली शर्त है — यतींद्र मिश्र ने भी व्यक्तिगत प्रश्न पूछने से पहले अनुमति ली थी।