गंगा अध्याय 4 ऐसी भी बातें होती हैं के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-06
इस अध्याय के बारे में
रचनाकार — यतींद्र मिश्र का जन्म सन् 1977 में अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से हिंदी में एम.ए. किया। कविता, संगीत और अन्य ललित कलाओं के साथ-साथ समाज और संस्कृति के विविध क्षेत्रों में उनकी गहरी रुचि है। उनके तीन काव्य-संग्रह हैं — यदा-कदा , अयोध्या तथा अन्य कविताएँ और ड्योढ़ी पर आलाप । शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी पर उन्होंने गिरिजा पुस्तक लिखी, ‘द्विजदेव’ की ग्रंथावली (2000) का सह-संपादन किया, और स्पिक मैके के विरासत-2001 के लिए रूपंकर कलाओं पर केंद्रित थाती का संपादन किया। वे अर्द्धवार्षिक पत्रिका सहित का संपादन करते हैं। विधा — यह पाठ कहानी या निबंध नहीं, साक्षात्कार (इंटरव्यू) है। साक्षात्कार वह गद्य-विधा है जिसमें एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा उत्तर देता है, और छपते समय दोनों के नाम के साथ पूरी बातचीत ज्यों-की-त्यों दी जाती है। यहाँ प्रश्न पूछने वाले
अभ्यास
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- साक्षात्कार से उभरता व्यक्तित्व/उभरती छवि
- मेरे प्रश्न
- मेरे अनुभव मेरे विचार
- साक्षात्कार की पड़ताल
- आपका साक्षात्कार
- विषयों से संवाद
- शास्त्रीय संगीत
- साइबर सुरक्षा
- हम ऐसे भी बोलते हैं
- सृजन
- व्याकरण की बात
- हमारी भाषाएँ
- गतिविधियाँ
- भाषा संगम
- खोजबीन