कक्षा ९ हिंदी अध्याय 4 ऐसी भी बातें होती हैं के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
रचनाकार — यतींद्र मिश्र का जन्म सन् 1977 में अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से हिंदी में एम.ए. किया। कविता, संगीत और अन्य ललित कलाओं के साथ-साथ समाज और संस्कृति के विविध क्षेत्रों में उनकी गहरी रुचि है। उनके तीन काव्य-संग्रह हैं — यदा-कदा , अयोध्या तथा अन्य कविताएँ और ड्योढ़ी पर आलाप । शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी पर उन्होंने गिरिजा पुस्तक लिखी, ‘द्विजदेव’ की ग्रंथावली (2000) का सह-संपादन किया, और स्पिक मैके के विरासत-2001 के लिए रूपंकर कलाओं पर केंद्रित थाती का संपादन किया। वे अर्द्धवार्षिक पत्रिका सहित का संपादन करते हैं। विधा — यह पाठ कहानी या निबंध नहीं, साक्षात्कार (इंटरव्यू) है। साक्षात्कार वह गद्य-विधा है जिसमें एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा उत्तर देता है, और छपते समय दोनों के नाम के साथ पूरी बातचीत ज्यों-की-त्यों दी जाती है। यहाँ प्रश्न पूछने वाले
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | पाठ की पंक्ति | अपने वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| अप्रतिम | बेजोड़, अनुपम | “दीदी, आपके संगीत की अप्रतिम यात्रा पर बातचीत शुरू करते हैं…” | भीमसेन जोशी की गायकी अप्रतिम थी। |
| आकंठ | कंठ तक, पूर्ण रूप से | “संगीत में आकंठ डूबे हुए आपके महान जीवन…” | वह अपने काम में आकंठ डूबा रहता है। |
| समर्पित | समर्पण किया हुआ, दिया हुआ, सौंपा हुआ | “दीवानगी की हद तक समर्पित श्रोताओं…” | वे जीवन-भर शिक्षा के काम को समर्पित रहे। |
| स्मरण | याद, स्मृति | “वे कौन-सी स्मृतियाँ हैं, जो आज भी आपके स्मरण में जीवित हैं?” | दादी की कही बात आज भी मेरे स्मरण में है। |
| रागदारी | ठीक राग गाने का ढंग या क्रिया | “फिर उसमें लंबी-लंबी रागदारी वाले गायन की भी परंपरा थी।” | मंच पर रागदारी गायन सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध रह गए। |
| राग | विशिष्ट ताल-लययुक्त ध्वनि; मन को प्रसन्न करना, प्रीति, अनुराग | “एक रेकॉर्ड उन्होंने राग जयजयवंती का भी बनाया था।” | राग भैरव प्रातःकाल गाया जाता है। |
| स्वाभिमान | आत्मसम्मान, अपनी प्रतिष्ठा का अभिमान | “सबसे ज्यादा तो स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा।” | स्वाभिमान बेचकर मिली सफलता किस काम की? |
| बैकुंठ | स्वर्ग | “तुकाराम सदेह बैकुंठ जाते हैं…” | भक्त-कथाओं में संत बैकुंठ को जाते बताए गए हैं। |
| अनुयायी | पीछे चलने वाला, अनुगामी | “ये तीनों तुकाराम के अनुयायी बनकर रोते थे।” | गांधीजी के अनुयायी देश-भर में फैले थे। |
| मार्फ़त | माध्यम से, के ज़रिए | “जब फिल्मों की दुनिया में अभिनय के मार्फ़त ही आई।” | यह पत्र मुझे मेरे मित्र की मार्फ़त मिला। |
| सबब | कारण, हेतु | “वैसे ही हमेशा की तरह एक चुनौती का सबब बनी रहीं?” | देर से पहुँचने का सबब बताइए। |
| अलबत्ता | निस्संदेह, हाँ ज़रूर | “अलबत्ता मैं उस जमाने से लेकर बाद तक बहुत मेहनत से काम करती थी।” | खेल कठिन था, अलबत्ता हम हारे नहीं। |
| सूत्रपात | कार्य का आरंभ | “इससे एक नए युग का सूत्रपात होता है।” | इस भाषण से आंदोलन का सूत्रपात हुआ। |
| आमद | आना, आगमन; आय | “उस समय ‘आएगा आने वाला’ की आमद कैसी होती?” | नई फ़सल की आमद से बाज़ार भर गया। |
| पार्श्वगायन | किसी अभिनेता या अभिनेत्री के बदले नेपथ्य में बैठकर गाना, स्वरदान | “…जैसी फिल्मों के लिए पार्श्वगायन किया था।” | पार्श्वगायन में आवाज़ ही अभिनय करती है। |
| परहेज | किसी वस्तु से बचना | “आपने रंगों से हमेशा परहेज किया है।” | मीठे से परहेज करना ही अच्छा है। |
| वाकया | घटना | “एक बार बड़ा मजेदार वाकया हुआ…” | यह वाकया मुझे आज भी याद है। |
| खैरियत | कुशल, भलाई | “लता बाई सब खैरियत तो है?” | घर से खैरियत का समाचार आ गया। |
| फाग | फागुन में गाया जाने वाला गीत; होली का राग-रंग | “होली के मौके पर फाग और धमार…” | होली आते ही गाँव में फाग गूँजने लगे। |
| धमार | फाग का एक भेद (संगीत), एक ताल | “होली के मौके पर फाग और धमार…” | धमार ताल चौदह मात्राओं की होती है। |
| सोहर | बच्चे के जन्म के अवसर पर गाया जाने वाला मंगलगीत | “ईश्वर के जन्म के कारण सोहर और बधावा…” | भाई के जन्म पर दादी ने सोहर गाया। |
| बधावा | मंगलाचार, बधाई; जन्म आदि के अवसर पर भेजा जाने वाला उपहार | “…सोहर और बधावा आदि गाने का मामला।” | पड़ोस से बधावा और मिठाई आई। |
| मसलन | उदाहरण के रूप में | “मसलन स्वामी हरिदास और तानसेन के युग की बहुत सारी कथाओं में…” | मसलन, यही देखिए कि पानी कितना बरबाद होता है। |
| अप्रत्याशित | जिसकी आशा न रही हो, आकस्मिक | “संगीत में वह असीम शक्ति है कि कुछ अप्रत्याशित वह जरूर रच देता है।” | परिणाम बिल्कुल अप्रत्याशित निकला। |
| अतिरेक | आवश्यकता से अधिक, आधिक्य | “अगर मैं अतिरेक नहीं कर रहा…” | प्रशंसा का अतिरेक झूठा लगने लगता है। |
| वाजिब | उचित | “…तो यह कहना वाजिब है कि आप अमर हैं।” | आपकी माँग बिल्कुल वाजिब है। |
| मंगलागौर | महाराष्ट्र में विवाह के बाद नई बहू के आने पर होने वाली पूजा, जिसमें स्त्रियाँ गाती-नाचती हैं | “यह मंगलागौर कहलाता है।” | मंगलागौर में मोहल्ले की सब स्त्रियाँ जुटीं। |
| गुड़ि पड़वा | महाराष्ट्र में नववर्ष का पर्व, जिसमें घर के बाहर ‘गुड़ि’ बाँधी और कलश-स्थापना की जाती है | “नवरात्रि के पहले दिन हम ‘गुड़ि पड़वा’ मनाते हैं।” | गुड़ि पड़वा पर हर घर के बाहर गुड़ि सजी थी। |
अभ्यास
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- साक्षात्कार से उभरता व्यक्तित्व/उभरती छवि
- मेरे प्रश्न
- मेरे अनुभव मेरे विचार
- साक्षात्कार की पड़ताल
- आपका साक्षात्कार
- विषयों से संवाद
- शास्त्रीय संगीत
- साइबर सुरक्षा
- हम ऐसे भी बोलते हैं
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