प्र1.
1. “‘गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन’। मतलब गाँव तो बह जाता है, लेकिन जो नाम है, वह रह जाता है।” आपने एक कहावत और उसका हिंदी में अर्थ पढ़ा। इस कहावत के अर्थ को अपने घर या क्षेत्र की भाषा अथवा भाषाओं में लिखिए।
उत्तर
यह कहावत मराठी की है। इसका भाव है — वस्तु और शरीर नष्ट हो जाते हैं, पर नाम और कर्म बचे रहते हैं। इसे अपने घर की भाषा में लिखते समय शब्दशः अनुवाद मत कीजिए, भाव का अनुवाद कीजिए।
नमूना उत्तर — कुछ भाषाओं में यही भाव:
| भाषा / बोली | वाक्य |
|---|---|
| मराठी (मूल) | गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन। |
| हिंदी | गाँव तो बह जाता है, पर नाम रह जाता है। |
| भोजपुरी | गाँव त बहि जाला, बाकिर नाम रहि जाला। |
| अवधी | गाँव तौ बहि जात है, नाउँ रहि जात है। |
| ब्रज | गाँव तौ बहि जात है, नाम रहि जात है। |
| राजस्थानी | गाँव तो बह ज्यावै, पण नाम रह ज्यावै। |
| पंजाबी | पिंड रुड़्ह जांदा ए, पर नां रह जांदा ए। |
| गुजराती | ગામ તણાઈ જાય છે, પણ નામ રહી જાય છે। |
| बांग्ला | গ্রাম ভেসে যায়, নাম থেকে যায়। |
आप क्या कीजिए: ऊपर की सूची केवल नमूना है। अपने घर में जो भाषा या बोली बोली जाती है, उसमें यह वाक्य घर के किसी बड़े से बुलवाकर लिखिए — जैसा वे बोलें, ठीक वैसा। यही सबसे प्रामाणिक उत्तर होगा। साथ में यह भी पूछिए कि आपकी भाषा में इसी भाव की कोई अपनी कहावत है क्या।