तैयारी की विधि — पाँच-छह के समूह बनाइए और काम बाँट लीजिए — एक समाचार-वाचक हिंदी में, एक अंग्रेज़ी में, एक क्षेत्रीय भाषा में; एक संवाददाता जो ‘मौके से’ रिपोर्ट दे; एक साक्षात्कार लेने वाला; और एक जो समय व क्रम सँभाले। बुलेटिन पाँच से सात मिनट का रखिए।
नमूना बुलेटिन — विषय: ‘कला जो जोड़ती है, बाँटती नहीं’
[शीर्षक-संगीत, फिर वाचक-1 — हिंदी]
“नमस्कार। आप देख-सुन रहे हैं ‘स्वर सेतु’ — कक्षा नौ का समाचार बुलेटिन। आज की मुख्य ख़बर — हमारे विद्यालय में हुए ‘भाषा संगम दिवस’ में नौ भाषाओं के गीत एक ही मंच पर गाए गए।”
[वाचक-2 — English]
“Good morning. In today’s bulletin: students from Classes 8 and 9 presented songs in nine Indian languages. The message was simple — art unites, it does not divide.”
[वाचक-3 — क्षेत्रीय भाषा, जैसे मराठी]
“नमस्कार. आजची मुख्य बातमी — आमच्या शाळेत नऊ भाषांमधली गाणी एकाच मंचावर सादर झाली. कला जोडते, तोडत नाही.”
[संवाददाता — मौके से]
“मैं इस समय विद्यालय के प्रांगण में हूँ। यहाँ मंच पर अभी-अभी एक मराठी अभंग समाप्त हुआ है और अब भोजपुरी का सोहर शुरू होने वाला है। दर्शकों में वे विद्यार्थी भी ताली बजा रहे हैं जिन्हें इन गीतों की भाषा नहीं आती — और यही आज की सबसे बड़ी ख़बर है।”
[साक्षात्कार — संगीत शिक्षक से]
प्रश्न: “सर, अलग-अलग भाषाओं के गीत एक मंच पर लाने का विचार कैसे आया?”
उत्तर: “लता जी ने छत्तीस से अधिक भाषाओं में गाया। उन्हें सुनते हुए लगा कि सुर किसी भाषा का मोहताज नहीं होता। बच्चों को यही दिखाना था।”
[समापन — हिंदी]
“यही थीं आज की मुख्य ख़बरें। अंत में लता मंगेशकर की एक बात — ‘गाँव तो बह जाता है, लेकिन जो नाम है, वह रह जाता है।’ नमस्कार।”
बुलेटिन में ध्यान रखने योग्य बातें: समाचार की भाषा छोटी, सीधी और तथ्यपूर्ण होती है — उसमें राय नहीं मिलाई जाती। हर ख़बर में चार बातें अवश्य हों — क्या, कब, कहाँ और किसने। और भाषा बदलते समय अनुवाद मत दोहराइए; हर भाषा में नई जानकारी दीजिए, वरना सुनने वाला ऊब जाएगा।