प्र1.
“मगर किसी के आगे जाकर हाथ नहीं पसारना है।” उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित अंश मुहावरा है। हाथ पसारना या फैलाना का अर्थ है— कुछ माँगना या याचना करना। हाथों से जुड़े अनेक मुहावरे आपने पढ़े और सुने होंगे। ऐसे ही कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए— • हाथ में आना
उत्तर
हाथ में आना — प्राप्त हो जाना; वश या अधिकार में आ जाना।
- वाक्य — महीनों की खोज के बाद वह दुर्लभ पांडुलिपि आखिर हमारे हाथ में आ ही गई।
- दूसरा वाक्य — इतने वर्षों के अभ्यास के बाद अब सितार की मींड उसके हाथ में आ गई है।
ध्यान दीजिए: ‘हाथ में आना’ में हाथ का शाब्दिक अर्थ नहीं है — पांडुलिपि सचमुच हथेली पर नहीं रखी गई। मुहावरे की यही पहचान है — शब्दों का सीधा अर्थ छोड़कर एक बना-बनाया लाक्षणिक अर्थ लेना। मुहावरा वाक्य में क्रिया के रूप में ढल जाता है (आया, आएगी, आ गई), जबकि कहावत ज्यों-की-त्यों रहती है।