लता मंगेशकर ने कहा कि संगीत में असीम शक्ति है और वह कुछ अप्रत्याशित अवश्य रच देता है। उनके अपने शब्द हैं — “हालाँकि मैं यह मानती हूँ कि संगीत में वह असीम शक्ति है कि कुछ अप्रत्याशित वह जरूर रच देता है, जिसका अनुभव भी कई बार हमें हुआ है।”
वे यह भी जोड़ती हैं कि तानसेन या हरिदास से जुड़ी चमत्कार-कथाओं को वे तथ्य के रूप में प्रमाणित नहीं कर सकतीं, क्योंकि वैसा उनका अपना अनुभव नहीं है; पर संगीत की शक्ति पर उन्हें संदेह नहीं। अपने पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर को सुनते हुए भी उन्होंने कई बार कुछ अप्रत्याशित अनुभव किया था।