गंगा अध्याय 5 आखिरी चट्टान तक के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-06
इस अध्याय के बारे में
रचनाकार — मोहन राकेश का जन्म सन् 1925 में अमृतसर, पंजाब में हुआ। वे हिंदी साहित्य के बहुमुखी रचनाकार थे — कहानी, उपन्यास, नाटक, डायरी-लेखन और यात्रा-वृत्तांत, सभी विधाओं में उन्होंने लिखा। नाटक — आषाढ़ का एक दिन , लहरों के राजहंस , आधे-अधूरे ; उपन्यास — अंधेरे बंद कमरे , अंतराल , न आने वाला कल ; कहानी-संग्रह — क्वार्टर तथा अन्य कहानियाँ , नए बादल , वारिस तथा अन्य कहानियाँ ; डायरी — मोहन राकेश की डायरी ; और यात्रा-वृत्तांत — आखिरी चट्टान तक । आषाढ़ का एक दिन पर उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला। कुछ समय उन्होंने सारिका पत्रिका का संपादन भी किया। सन् 1972 में मात्र 48 वर्ष की अल्पायु में उनका निधन हो गया। विधा — यह पाठ यात्रा-वृत्तांत है, कहानी नहीं। इसमें न कोई गढ़ा हुआ कथानक है, न पात्रों का संघर्ष। जो कुछ है, वह है — एक स्थान, एक यात्री, और उस यात्री की चेतना पर उस स्थान की पड़ती छाप
अभ्यास
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- यात्रा का वृत्तांत
- यात्रा और खोज
- मेरे देश की धरती
- हस्तशिल्प कौशल
- मिलकर चलें
- प्रकृति की ओर
- अनुभव की साझेदारी
- चर्चा-परिचर्चा
- व्याकरण की बात
- आओ नए वाक्य बनाएँ
- गतिविधियाँ
- भाषा संगम
- झरोखे से
- खोजबीन