गंगा अध्याय 5 व्याकरण की बात

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनमें क्रिया-विशेषण पदों की पहचान कीजिए तथा दिए गए उदाहरण के अनुसार लिखिए। (उदाहरण— वाक्य: मैं जल्दी-जल्दी चलने लगा। | क्रिया-विशेषण: जल्दी-जल्दी | क्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है: ‘चलने लगा’ क्रिया की विशेषता) (क) बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं।
उत्तर
वाक्यक्रिया-विशेषणक्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है
बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं।कटती हुई‘आती थीं’ क्रिया की विशेषता
यह क्रिया-विशेषण क्यों है: वाक्य की मुख्य क्रिया है ‘आती थीं’। प्रश्न कीजिए — लहरें कैसे आती थीं? उत्तर मिलेगा — कटती हुई। जो पद क्रिया के ढंग (रीति) का उत्तर देता है, वही रीतिवाचक क्रिया-विशेषण कहलाता है। यहाँ ‘कटती हुई’ लहरों के आने का ढंग बता रहा है, इसलिए यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।
सावधानी — ‘बल खाती’ को क्रिया-विशेषण मत मानिए। ‘बल खाती’ किसकी विशेषता बता रहा है? लहरों की — और लहरें संज्ञा हैं। संज्ञा की विशेषता बताने वाला पद विशेषण होता है, क्रिया-विशेषण नहीं। पहचान का सूत्र यही है — प्रश्न ‘कैसी लहरें?’ का उत्तर = विशेषण; प्रश्न ‘कैसे आती थीं?’ का उत्तर = क्रिया-विशेषण।
प्र2.
(ख) यात्रियों की कितनी ही टोलियाँ उस दिशा में जा रही थीं।
उत्तर
वाक्यक्रिया-विशेषणक्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है
यात्रियों की कितनी ही टोलियाँ उस दिशा में जा रही थीं।उस दिशा में‘जा रही थीं’ क्रिया की विशेषता
यह क्रिया-विशेषण क्यों है: मुख्य क्रिया है ‘जा रही थीं’। प्रश्न कीजिए — टोलियाँ कहाँ / किधर जा रही थीं? उत्तर — उस दिशा में। जो पद क्रिया के स्थान या दिशा का बोध कराए, वह स्थानवाचक क्रिया-विशेषण कहलाता है।
सावधानी — ‘कितनी ही’ क्रिया-विशेषण नहीं है। ‘कितनी ही’ बता रहा है कि टोलियाँ कितनी थीं — यानी यह संज्ञा ‘टोलियाँ’ की संख्या बता रहा है। इसलिए यह संख्यावाचक (अनिश्चित) विशेषण है। एक ही वाक्य में विशेषण और क्रिया-विशेषण दोनों हो सकते हैं — देखना यह है कि पद किससे जुड़ा है।
प्र3.
(ग) मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा।
उत्तर
वाक्यक्रिया-विशेषणक्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है
मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा।देर तक‘देखता रहा’ क्रिया की विशेषता
यह क्रिया-विशेषण क्यों है: मुख्य क्रिया है ‘देखता रहा’। प्रश्न कीजिए — कब तक देखता रहा? उत्तर — देर तक। जो पद क्रिया के समय या अवधि का बोध कराए, वह कालवाचक क्रिया-विशेषण कहलाता है।
तीनों वाक्यों को एक साथ देखिए — क्रिया-विशेषण के चार भेद:
भेदकिस प्रश्न का उत्तरपाठ से उदाहरण
कालवाचककब? कब तक? कितनी बार?देर तक … देखता रहा; “अब मुहल्ले-मुहल्ले के हिसाब से बता रहा था”
स्थानवाचककहाँ? किधर?उस दिशा में जा रही थीं; “नीचे तट की तरफ फिसल गया”
रीतिवाचककैसे? किस ढंग से?कटती हुई आती थीं; “जल्दी-जल्दी चलने लगा”; “धीरे-धीरे कम होती जा रही थी”
परिमाणवाचककितना? कितनी मात्रा में?बहुत रूखी, बीहड़ और वीरान लग रही थी”; “काफी घिर गई है”

पहचान का सबसे सरल तरीका: पहले वाक्य की क्रिया ढूँढ़िए। फिर उससे चार प्रश्न कीजिए — कब? कहाँ? कैसे? कितना? — जिस शब्द से इनमें से किसी का उत्तर मिले, वही क्रिया-विशेषण है।

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