प्र1.
नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनमें क्रिया-विशेषण पदों की पहचान कीजिए तथा दिए गए उदाहरण के अनुसार लिखिए। (उदाहरण— वाक्य: मैं जल्दी-जल्दी चलने लगा। | क्रिया-विशेषण: जल्दी-जल्दी | क्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है: ‘चलने लगा’ क्रिया की विशेषता) (क) बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं।
उत्तर
| वाक्य | क्रिया-विशेषण | क्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है |
|---|---|---|
| बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं। | कटती हुई | ‘आती थीं’ क्रिया की विशेषता |
यह क्रिया-विशेषण क्यों है: वाक्य की मुख्य क्रिया है ‘आती थीं’। प्रश्न कीजिए — लहरें कैसे आती थीं? उत्तर मिलेगा — कटती हुई। जो पद क्रिया के ढंग (रीति) का उत्तर देता है, वही रीतिवाचक क्रिया-विशेषण कहलाता है। यहाँ ‘कटती हुई’ लहरों के आने का ढंग बता रहा है, इसलिए यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।
सावधानी — ‘बल खाती’ को क्रिया-विशेषण मत मानिए। ‘बल खाती’ किसकी विशेषता बता रहा है? लहरों की — और लहरें संज्ञा हैं। संज्ञा की विशेषता बताने वाला पद विशेषण होता है, क्रिया-विशेषण नहीं। पहचान का सूत्र यही है — प्रश्न ‘कैसी लहरें?’ का उत्तर = विशेषण; प्रश्न ‘कैसे आती थीं?’ का उत्तर = क्रिया-विशेषण।