गंगा अध्याय 6 रीढ़ की हड्डी के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-06

इस अध्याय के बारे में

रचनाकार — जगदीशचंद्र माथुर का जन्म सन् 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ और शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई। वे इंडियन सिविल सर्विस में भी चयनित हुए। बिहार राज्य के शिक्षा सचिव, आकाशवाणी के महानिदेशक तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैसे प्रशासनिक पदों पर काम करते हुए भी वे आजीवन साहित्य-सृजन में सक्रिय रहे। सन् 1978 में उनका निधन हुआ। प्रयाग में अध्ययन के दौरान ही उन्होंने लिखना आरंभ कर दिया था और उस समय की चर्चित पत्रिकाओं चाँद तथा रूपाभ में उनके नाटक-एकांकी छपने लगे थे। हिंदी नाटक और रंगमंच के विकास में उनके एकांकियों और नाटकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐतिहासिक नाटकों के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक समस्याओं से जुड़े एकांकी भी लिखे। प्रमुख कृतियाँ — भोर का तारा , कोणार्क , ओ मेरे सपने , शारदीया , पहला राजा , दस तस्वीरें , जिन्होंने जीना जाना । संपूर्ण रचनाएँ जग

  1. मेरे उत्तर मेरे तर्क
  2. मेरी समझ मेरे विचार
  3. एकांकी की पड़ताल
  4. रंग-निर्देश
  5. मेरी टिप्पणी
  6. तुलना और विचार
  7. एकांकी का विस्तार
  8. व्याकरण की बात
  9. भाषा में मुहावरे
  10. संदर्भ में शब्द
  11. आप भी संवाददाता
  12. भाषा संगम
  13. खोजबीन
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ