गंगा अध्याय 6 संदर्भ में शब्द

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
“बाप सेर है तो लड़का सवा सेर।” एकांकी में इस कहावत का प्रयोग रामस्वरूप द्वारा गोपालप्रसाद और शंकर की नकारात्मक प्रवृत्ति का उल्लेख करने के लिए किया गया है। लेकिन इस कहावत का प्रयोग सकारात्मक अर्थ में भी किया जा सकता है। अब आप इस नए प्रयोग से वाक्य बनाकर लिखिए।
उत्तर

कहावत का अर्थ: ‘सेर’ पुराना बाट (लगभग 933 ग्राम) है और ‘सवा सेर’ उससे भी भारी। कहावत का अर्थ हुआ — बेटा अपने पिता से भी एक कदम आगे है। यह कहावत तटस्थ है; उसका रंग संदर्भ से तय होता है।

प्रयोगअर्थउदाहरण
नकारात्मक (एकांकी में)पिता जितना चालाक/रूढ़िवादी है, बेटा उससे भी बढ़कर हैरामस्वरूप प्रेमा से — “बाप सेर है तो लड़का सवा सेर। बी.एससी. के बाद लखनऊ में ही तो पढ़ता है मेडिकल कॉलेज में। कहता है कि शादी का सवाल दूसरा है, तालीम का दूसरा।” यानी पिता को कम पढ़ी बहू चाहिए और बेटा भी वही चाहता है — बल्कि उसने इसके लिए तर्क तक गढ़ लिया है।
सकारात्मक (नया प्रयोग)पिता के गुण बेटे में और भी निखरकर आए हैंनीचे दिए गए वाक्य

नमूना उत्तर — सकारात्मक अर्थ में मेरे वाक्य

  • पिता जी गाँव के अच्छे वैद्य थे और बेटा तो अब जिला अस्पताल का सबसे भरोसेमंद डॉक्टर है — सच है, बाप सेर है तो लड़का सवा सेर
  • रामू काका ने पचास पेड़ लगाए थे, उनके बेटे ने पूरा बाग खड़ा कर दिया — बाप सेर तो लड़का सवा सेर
  • चाचा जी राज्य स्तर तक कबड्डी खेले थे और उनका बेटा राष्ट्रीय टीम में चुन लिया गया; लोग ठीक ही कहते हैं — बाप सेर है तो लड़का सवा सेर
  • मास्टर जी ने गाँव में पहला स्कूल खोला था, और उनकी बेटी ने उसी गाँव में कॉलेज खुलवा दिया — बाप सेर है तो बेटी सवा सेर
यहाँ सीखने की बात: कहावत के शब्द नहीं बदलते, उसका भाव संदर्भ से बदलता है। यही बात व्यंग्य की भी है — गोपालप्रसाद और शंकर के लिए यह कहावत कड़वी है, क्योंकि जिस बात में वे ‘आगे’ हैं वह गुण नहीं, अवगुण है। इसीलिए वाक्य बनाते समय पहले तय कीजिए कि आप प्रशंसा कर रहे हैं या चुटकी ले रहे हैं, और उसी के अनुसार वाक्य का शेष भाग गढ़िए।
Did you know? अंतिम पंक्ति में मैंने जान-बूझकर ‘लड़का’ की जगह ‘बेटी’ रखा है। कहावतें समाज के साथ बदलती हैं — और इस एकांकी का पूरा संदेश यही है कि जो बात बेटे के लिए कही जाती है, वह बेटी के लिए भी उतनी ही सच होनी चाहिए।
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