प्र1.
संसार में बहुत से लोगों ने लंबी-लंबी यात्राएँ की हैं और अपनी यात्रा से अर्जित ज्ञान और अनुभव से समाज को समृद्ध किया है। पुस्तकालय एवं शिक्षक की सहायता से कुछ महत्वपूर्ण यात्रा-वृत्तांत और उनके लेखकों के विषय में जानकारी एकत्रित कीजिए और लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक संकेत नीचे दिया गया है। (यात्रा-वृत्तांत / स्थान / रचनाकार — किन्नर देश में | हिमाचल प्रदेश में स्थित किन्नौर | राहुल सांकृत्यायन)
उत्तर
पुस्तक ने तालिका की केवल पहली पंक्ति भरकर दी है। नीचे वही तालिका पूरी भरकर दी गई है — पहले हिंदी के प्रमुख यात्रा-वृत्तांत, फिर कुछ प्राचीन यात्री जिनके विवरण से भारत का इतिहास लिखा गया।
| यात्रा-वृत्तांत | स्थान | रचनाकार |
|---|---|---|
| किन्नर देश में | हिमाचल प्रदेश में स्थित किन्नौर | राहुल सांकृत्यायन |
| मेरी तिब्बत यात्रा | तिब्बत | राहुल सांकृत्यायन |
| मेरी लद्दाख यात्रा | लद्दाख (जम्मू-कश्मीर/लद्दाख क्षेत्र) | राहुल सांकृत्यायन |
| घुमक्कड़-शास्त्र | यात्रा और घुमक्कड़ी का दर्शन (किसी एक स्थान का नहीं) | राहुल सांकृत्यायन |
| आखिरी चट्टान तक | कन्याकुमारी तथा दक्षिण भारत (तमिलनाडु) | मोहन राकेश |
| अरे यायावर रहेगा याद? | यूरोप तथा अन्य देशों की यात्राएँ | अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन) |
| एक बूँद सहसा उछली | यूरोप | अज्ञेय |
| चीड़ों पर चाँदनी | यूरोप तथा पहाड़ी अंचल | निर्मल वर्मा |
| धुंध से उठती धुन | हिमाचल प्रदेश (शिमला और आसपास का अंचल) | निर्मल वर्मा |
| पैरों में पंख बाँधकर | यूरोप | रामवृक्ष बेनीपुरी |
| ठेले पर हिमालय | हिमालय (नैनीताल–कौसानी अंचल) | धर्मवीर भारती |
| हिमालय-प्रवास / हिमालयनो प्रवास | हिमालय क्षेत्र | काका कालेलकर |
| आवारा की डायरी | देश-विदेश की यात्राएँ | यशपाल |
अब वे यात्री, जिनके विवरणों से इतिहास लिखा गया —
| यात्री | कब और कहाँ से | क्या दर्ज किया |
|---|---|---|
| मेगस्थनीज़ | ईसा पूर्व चौथी शताब्दी, यूनान से; चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में | इंडिका — पाटलिपुत्र नगर, मौर्य प्रशासन और भारतीय समाज का विवरण। |
| फ़ाह्यान | पाँचवीं शताब्दी, चीन से; चंद्रगुप्त द्वितीय के काल में | बौद्ध विहारों, नालंदा-पाटलिपुत्र और जनजीवन का विवरण। |
| ह्वेनसांग | सातवीं शताब्दी, चीन से; हर्षवर्धन के काल में | सी-यू-की — नालंदा विश्वविद्यालय, कन्नौज सभा और तत्कालीन भारत का चित्र। |
| अल-बिरूनी | ग्यारहवीं शताब्दी, मध्य एशिया से | किताब-उल-हिंद (तहकीक-ए-हिंद) — भारतीय ज्ञान, गणित, ज्योतिष और समाज का अध्ययन। |
| इब्न बतूता | चौदहवीं शताब्दी, मोरक्को से; मुहम्मद बिन तुगलक के काल में | रिह्ला — दिल्ली, डाक-व्यवस्था, बाज़ार और नगर-जीवन का विवरण। |
यात्रा ‘खोज’ कैसे बनती है: ऊपर की दोनों तालिकाएँ एक ही बात कहती हैं — यात्री वह देखता है जो वहाँ रहने वाले के लिए इतना सामान्य हो चुका है कि दिखता ही नहीं। इसीलिए मौर्यकालीन पाटलिपुत्र का सबसे अच्छा विवरण एक यूनानी ने लिखा, और कन्याकुमारी की बेकारी का सबसे मार्मिक वाक्य दिल्ली से गए एक लेखक ने दर्ज किया। यात्रा-वृत्तांत इसीलिए साहित्य भी है और सामाजिक दस्तावेज़ भी।
कैसे खोजें: विद्यालय के पुस्तकालय में ‘यात्रा-वृत्तांत’ या ‘संस्मरण’ शीर्षक वाला खाना देखिए। हर पुस्तक के लिए एक कार्ड बनाइए जिसमें चार बातें हों — पुस्तक का नाम, लेखक, स्थान, प्रकाशन-वर्ष — और एक ऐसा वाक्य उतारिए जो आपको सबसे अच्छा लगा। यही आपकी अपनी ‘संदर्भ-सूची’ बनेगी।