यह आपके अपने अनुभव का प्रश्न है। अच्छे उत्तर में यह होना चाहिए — वह व्यक्ति कौन है, संकेत क्या था, आपने उसे कैसे समझा, और उस समय आपके मन में क्या चला।
नमूना उत्तर: मेरे जीवन में यह व्यक्ति मेरी नानी हैं। जब घर में मेहमान आए हों और मैं कुछ ऐसा कहने लगूँ जो नहीं कहना चाहिए, तो वे बस एक बार मेरी ओर देख लेती हैं — न भौंहें चढ़ाती हैं, न सिर हिलाती हैं। बस देखती हैं। और मैं बीच वाक्य में रुक जाता/जाती हूँ। इसी तरह जब मैं थाली में कुछ छोड़ने लगूँ, तो वे थाली की ओर एक बार देखती हैं और मैं समझ जाता/जाती हूँ। सबसे अच्छा संकेत तब होता है जब मैं कोई अच्छा काम कर लूँ — तब वे किसी से कुछ कहती नहीं, बस हल्का-सा सिर हिलाकर मुस्करा देती हैं, और वह मुस्कान किसी भी तारीफ़ से बड़ी लगती है।
हमारे विद्यालय में भी ऐसा ही होता है। हमारी हिंदी की शिक्षिका जब कक्षा में शोर होने पर बोलना बंद कर देती हैं और चुपचाप खड़ी रहती हैं, तो दो-तीन क्षण में पूरी कक्षा चुप हो जाती है। कभी-कभी चुप्पी डाँट से अधिक असर करती है।