गंगा अध्याय 3 संवादहीन के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-06
इस अध्याय के बारे में
रचनाकार — शेखर जोशी का जन्म सन् 1932 में अल्मोड़ा, उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनका पहला कहानी संग्रह कोसी का घटवार सन् 1958 में प्रकाशित हुआ। साथ के लोग, दाज्यू, हलवाहा, नौरंगी बीमार है, आदमी का डर, डांगरी वाले, मेरा पहाड़ (कहानी संग्रह), एक पेड़ की याद (शब्दचित्र-संग्रह), स्मृति में रहें वे (संस्मरण), न रोको उन्हें शुभ्रा (कविता संग्रह) और मेरा ओलिया गाँव (आत्मवृत्त) उनकी अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं। उनकी कहानियों का समग्र शेखर जोशी कथा समग्र नाम से छपा है। उन्हें ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘अखिल भारतीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’ और ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य पुरस्कार’ मिले। सन् 2022 में उनका निधन हुआ। कथावस्तु — गाँव के बीच खड़े ‘बड़े घर’ में अब केवल दो प्राणी बचे हैं — ताई और उनका तोता मिट्ठू । कभी उस घर में पूत-परिवार, बहू-बेटियाँ, नौकर
अभ्यास
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- मेरे प्रश्न
- मेरे अनुभव मेरे विचार
- कहानी का सौंदर्य
- कहानी का अंत
- पात्र, कुंभ और मेला
- कल्पना और लेखन
- व्याकरण की बात
- ध्वन्यात्मकता शब्दों से
- शब्द-युग्म
- खोजबीन शब्दों की
- अर्थ के आधार पर वाक्य
- गतिविधियाँ
- मेरी पहेली
- भाषा संगम
- खोजबीन