प्र1.
अर्थ के आधार पर वाक्यों के कई भेद होते हैं जैसे— विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, आज्ञावाचक (विधिवाचक), इच्छावाचक, संदेहवाचक और संकेतवाचक। (पुस्तक की तालिका देखिए।) अब आप भी अपनी पुस्तक में से प्रत्येक प्रकार का एक-एक वाक्य चुनकर लिखिए।
उत्तर
नीचे पूरी तालिका है — पुस्तक में दिया गया अर्थ और उदाहरण, और उसके आगे ‘संवादहीन’ पाठ से चुना गया नया वाक्य।
| क्र. | वाक्य का भेद | अर्थ/उपयोग | पुस्तक का उदाहरण | मेरा चुना हुआ वाक्य |
|---|---|---|---|---|
| 1 | विधानवाचक वाक्य | किसी घटना या स्थिति के बारे में कथन करने वाला वाक्य। | जगन मास्टर ने पिंजरे का दरवाजा खोल दिया। | “ताई ने अपने जीवन में अच्छे दिन भी देखे थे।” |
| 2 | निषेधवाचक वाक्य | किसी कार्य के न होने या मना करने का भाव व्यक्त करने वाला वाक्य। | मिट्ठू ने कोई हरकत नहीं की। | “ताई को घड़ी-भर के लिए भी मिट्ठू का वियोग सहन नहीं हो सकता था।” |
| 3 | प्रश्नवाचक वाक्य | किसी बात को पूछने या जानने के लिए प्रयुक्त वाक्य। | मिट्ठू! अब कैसे कटेगी? | “भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?” |
| 4 | विस्मयादिबोधक वाक्य | आश्चर्य, प्रसन्नता या दुख प्रकट करने वाला वाक्य। | मिट्ठू ने फिर तिरछी आँख से रोशनदान के बाहर की दुनिया की ओर देखा और ये गए! वो गए!! | “देखते ही देखते क्या से क्या हो गया!” |
| 5 | आज्ञावाचक वाक्य | किसी को कुछ करने का आदेश या आग्रह व्यक्त करने वाला वाक्य। | राम-राम कहो, सीताराम कहो। | “मिट्ठू आ! मिट्ठू आ!!” तथा “ताई, मिट्ठू को भी साथ ले चलो, उसे भी गंगा-स्नान करा देना।” |
| 6 | इच्छावाचक वाक्य | किसी आकांक्षा, आशा या इच्छा को प्रकट करने वाला वाक्य। | जीते रहो बेटा, जुग-जुग जिओ! | “खुश रहो! खुश रहो!!” |
| 7 | संदेहवाचक वाक्य | किसी बात को लेकर शंका या अनिश्चितता प्रकट करने वाला वाक्य। | ताई के सूनेपन का साथी न जाने किन अमराइयों में घूम रहा होगा। | “…या शायद उनकी बेवकूफी पर हँसता रहता हो।” |
| 8 | संकेतवाचक वाक्य | इसमें एक बात या कार्य का होना या न होना किसी दूसरी बात या कार्य के होने या न होने पर निर्भर होता है। | जब खेती-बाड़ी नहीं, कारबार नहीं, तो नौकर-चाकर किस दम पर टिकते! | “जब-जब मिट्ठू को देखते, अपनी पत्नी की बुद्धि पर तरस खाते और अपने आप को भी दोषी अनुभव करते।” |
पहचान के संकेत-शब्द: प्रश्नवाचक में — क्या, कैसे, कौन, क्यों; निषेधवाचक में — नहीं, मत, न; आज्ञावाचक में — कहो, आ, लिखिए, चलो; इच्छावाचक में — रहो, जिओ, हो (आशीर्वाद/कामना); संदेहवाचक में — शायद, न जाने, होगा; संकेतवाचक में — जब…तो, यदि…तो, जैसे-जैसे…वैसे-वैसे की जोड़ी।