प्र1.
अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ या प्रश्न बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों— तोता, ताई, कुंभ, पिंजरा, कमरा, गंगा।
उत्तर
पहेली बनाने का सूत्र यह है — उत्तर का नाम मत लीजिए, केवल उसके दो-तीन गुण बताइए और अंत में पूछिए “बताओ मैं कौन?” तुक मिल जाए तो और अच्छा।
| उत्तर | पहेली | पाठ पर आधारित प्रश्न |
|---|---|---|
| तोता | हरा कुर्ता, लाल है चोंच, जो सिखा दो, वही बोलूँ सोच। मीठा बोलूँ, नाम है प्यारा — बोलो कौन हूँ मैं बेचारा? | ‘मिट्ठू’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है? |
| ताई | बड़े घर में अकेली रहती, पंछी से अपनी बात है कहती। ममता जिसकी बरस पड़ी है — बोलो, वह कौन-सी बूढ़ी खड़ी है? | कहानी में मिट्ठू को दाल-भात बनाकर कौन खिलाती थीं? |
| कुंभ | बारह बरस में एक बार आऊँ, चार नगर में डेरा जमाऊँ। करोड़ों लोग मुझमें नहाएँ — बोलो, मुझको क्या कहलाएँ? | ताई प्रयागराज किस आयोजन में स्नान करने गई थीं? |
| पिंजरा | लोहे की मेरी पतली दीवार, भीतर पंख हैं, बाहर संसार। रोटी-पानी भीतर रखते — बोलो, कैद कहाँ पर करते? | जगन मास्टर ने किसका दरवाजा खोल दिया था? |
| कमरा | चार दीवारें, एक किवाड़, बंद करो तो बनूँ मैं आड़। यहीं छिपाकर पाठ पढ़ाया — बोलो, वह स्थान कहाँ बतलाया? | जगन मास्टर हर रोज क्या बंद करके मिट्ठू को बाहर आने का आमंत्रण देते थे? |
| गंगा | पर्वत से मैं चलकर आई, ‘हर हर’ कहकर सबने बुलाई। तट पर मेला, जल में आस्था — बोलो, कौन हूँ मैं वह रास्ता? | मिट्ठू की रट में जो नदी बार-बार आती है, उसका नाम क्या है? |
कक्षा में कैसे खेलें: दो समूह बनाइए। एक समूह पहेली सुनाए, दूसरा 30 सेकंड में उत्तर दे। सही उत्तर पर 2 अंक, और यदि उत्तर देने वाला समूह कहानी से उस शब्द का प्रसंग भी बता दे तो 1 अंक अतिरिक्त — इससे खेल के साथ-साथ पाठ भी दुहरा जाएगा।