शारदा अध्याय 5 अभ्यासाद् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-06

प्र1.
पाठे आगतानां शब्दानाम् आधारेण शब्दजालं प्रदत्तम् अस्ति। अत्र वामतः दक्षिणं (यथा-कृतकबुद्धिः) उपरितः अधः (यथा-डेटासेट्) च उदाहरणानुसारं नूतन-पदानां रेखाङ्कनं कुरुत इति।
उत्तर

उत्तरम् — पुस्तक ने दो पद उदाहरण के रूप में पहले ही घेर दिए हैं — कृतकबुद्धिः (पंक्ति १, बाएँ से दाएँ) तथा डेटासेट् (स्तम्भ ८, ऊपर से नीचे)। शेष तेरह पद नीचे दिए हैं।

सबसे पहले पूरा वर्गचित्रजाल (९ × ९) पंक्ति-स्तम्भ की संख्या के साथ देख लीजिए, ताकि हर पद का ठिकाना जाँचा जा सके —

पं.\स्त.
स्फूकृबुद्धिःर्चा
र्तचागूमाचित्रः
र्यःडीप्र्ट
गोदीम्
चैक्षाफेसिरिडेजै
म्हाक्शिक्षाटा
जीन्त्राधिमःसेना
त्तांपीकःचैबोट्
शःटीलेक्साडिजिल्

(अ) वामतः दक्षिणं (बाएँ से दाएँ) मिलने वाले पद —

पदम्स्थानम्अर्थः / पाठे कुत्र आगतम्
कृतकबुद्धिःपंक्ति १, स्तम्भ ३–७ (उदाहरणम् — पुस्तके एव अङ्कितम्)Artificial Intelligence — पाठ का मुख्य विषय
चर्चापंक्ति १, स्तम्भ ८–९‘…अधिकृत्य चर्चां कुर्वन्ति।’ (पृष्ठ ५१)
गूगलमानचित्रःपंक्ति २, स्तम्भ ३–९Google Maps — ‘सङ्कुचितकृतकबुद्धिः — जीपीटी, गूगल-मानचित्रं, यू-ट्यूब्’
सिरिपंक्ति ५, स्तम्भ ६–७Siri — अध्यापक की उदाहरण-सूची में
शिक्षापंक्ति ६, स्तम्भ ६–७शिक्षायां, चिकित्सायां…’ — प्रथम उपयोगक्षेत्र
यन्त्राधिगमःपंक्ति ७, स्तम्भ ३–७Machine Learning — ‘यन्त्राधिगमः, गहनाधिगमः चेति विधिना’
चैटबोट्पंक्ति ८, स्तम्भ ५–८‘संशयनिराकरणार्थं चैट्बोट्’ (पृष्ठ ५४)
एलेक्सापंक्ति ९, स्तम्भ ३–५Alexa — अथर्व की माता जिसका उपयोग करती हैं
डिजिटल्पंक्ति ९, स्तम्भ ६–९डिजिटल्-इण्डिया’ तथा ‘डिजिटल्-भारतं समृद्धं करवाम’

(आ) उपरितः अधः (ऊपर से नीचे) मिलने वाले पद —

पदम्स्थानम्अर्थः / पाठे कुत्र आगतम्
डेटासेट्स्तम्भ ८, पंक्ति ५–८ (उदाहरणम् — पुस्तके एव अङ्कितम्)यन्त्रपाठशालायाः नाम
आचार्यःस्तम्भ २, पंक्ति १–३आचार्य ! अहं जानामि…’ — छात्र अध्यापक को इसी नाम से पुकारते हैं
चैटजीपीटीस्तम्भ २, पंक्ति ५–९Chat-GPT — ‘अहं चैट-जीपीटी इत्यस्मात् एनं श्लोकं प्राप्तवान्’
गूगलसहायकःस्तम्भ ३, पंक्ति २–८Google Assistant — ‘मम माता गूगल-सहायकेन सह वार्तां करोति’
दीक्षास्तम्भ ४, पंक्ति ४–५DIKSHA — शिक्षाक्षेत्रे कृतकबुद्ध्याधारितम् उपकरणम्
डीपफेक्स्तम्भ ५, पंक्ति ३–६Deepfake — ‘कृतकबुद्ध्या निर्मितं मिथ्याचित्रम्’
दत्तांशःस्तम्भ १, पंक्ति ७–९Data — ‘यन्त्रं दत्तांशमाध्यमेन शिक्षणं करोति’
शब्दजाल हल करने की विधि: अटकल मत लगाइए — पाठ की शब्द-सूची पहले बनाइए, फिर उसे जाल में ढूँढ़िए। पाठ के नए पद हैं : कृतकबुद्धिः, दत्तांशः, डेटासेट्, डीप्-फेक्, चैट-जीपीटी, चैट्बोट्, एलेक्सा, सिरि, जेमिनि, गूगल-मानचित्रम्, गूगल-सहायकम्, यन्त्राधिगमः, गहनाधिगमः, दीक्षा, डिजिटल्, आचार्यः, शिक्षा, चर्चा। अब हर पद का पहला अक्षर जाल में खोजिए (जैसे ‘डे’, ‘चै’, ‘गू’), और वहीं से दाएँ तथा नीचे — केवल इन्हीं दो दिशाओं में — पढ़िए। इस विधि से पन्द्रह-सोलह पद दस मिनट में मिल जाते हैं।
दो सूक्ष्म बातें: (१) जाल में ‘डीपफेक्’ स्तम्भ ५ में ‘डी-प-फे-क्’ रूप में है, जबकि पाठ में यह ‘डीप्-फेक्’ (हलन्त ‘प्’ के साथ) छपा है — जाल में हलन्त हटा दिया गया है, अर्थ वही है। (२) स्तम्भ १ की पंक्ति ३–६ में ‘प-ट-ल-म्’ = ‘पटलम्’ (स्क्रीन) भी पढ़ा जा सकता है, किन्तु यह पद पाठ में कहीं नहीं आया; इसी प्रकार पंक्ति १–२ के ‘स्फू-र्त’ से कोई पाठगत शब्द नहीं बनता। ये अक्षर पूरक (filler) हैं — शब्दजाल में ऐसे अक्षर जान-बूझकर रखे जाते हैं ताकि खोज सरल न रह जाए।
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