कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 3 क्रियाशील ऊतक के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

ऊतक समान संरचना वाली कोशिकाओं का वह समूह है जो एक विशिष्ट प्रकार्य के लिए मिलकर कार्य करता है। कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव। यही श्रम विभाजन बड़े शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाता है। पादप ऊतक या तो विभज्योतकी होते हैं (जो विभाजित होते रहते हैं) या स्थायी (जो विभेदित हो चुके हैं)। शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई बढ़ाता है, पार्श्व विभज्योतक परिधि बढ़ाता है और अंतर्वेशी विभज्योतक काटने या चरने के बाद पुनःवृद्धि कराता है। स्थायी ऊतक सरल (मृदूतक, श्लेषोतक, दृढ़ोतक — एक ही प्रकार की कोशिकाएँ) या जटिल (जाइलम और फ्लोएम — अनेक प्रकार की कोशिकाएँ मिलकर) होते हैं। उपत्वचा, मूलरोम और रंध्रों वाली बाह्यत्वचा सुरक्षात्मक ऊतक है। पादप ऊतक तीन ऊतक तंत्रों में संगठित होते हैं — त्वचीय, भरण और संवहन ऊतक तंत्र। जंतु ऊतक मुख्यतः चार प्रकार के हैं — उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका — और प्रत्येक में संरचना अपने प्

त्वरित पुनरावृत्ति
ऊतकवर्गमुख्य संरचनात्मक विशेषतामुख्य प्रकार्य
विभज्योतकी ऊतक (शीर्षस्थ, पार्श्व, अंतर्वेशी)पादप — विभाजनशीलछोटी कोशिकाएँ, पतली भित्ति, सघन कोशिकाद्रव्य, बड़ा सुस्पष्ट केंद्रक, रसधानियाँ अनुपस्थित, अंतःकोशिकीय अवकाश नहींनिरंतर कोशिका विभाजन — लंबाई में, परिधि में तथा काटने के बाद पुनःवृद्धि
बाह्यत्वचापादप — सरल स्थायी (सुरक्षात्मक)चपटी, आयताकार, संहत कोशिकाओं की एकल परत; ऊपर क्यूटिन की मोमी उपत्वचाक्षति, जल-हानि और सूक्ष्मजीवों से सुरक्षा; मूलरोम जल अवशोषण करते हैं; रंध्र गैसीय विनिमय और वाष्पोत्सर्जन कराते हैं
मृदूतकपादप — सरल स्थायीसजीव कोशिकाएँ, पतली भित्ति, विरल व्यवस्था, अंतःकोशिकीय अवकाशभोजन भंडारण; हरित भागों में प्रकाश-संश्लेषण; वायु गुहिकाएँ बनाकर जलीय पादपों को तैराना
श्लेषोतकपादप — सरल स्थायीसजीव कोशिकाएँ, कोने पेक्टिन से असमान रूप से स्थूलितलचीलेपन के साथ अवलंब — तने और प्रतान बिना टूटे झुक जाते हैं
दृढ़ोतकपादप — सरल स्थायीलिग्निन के निक्षेपण से मोटी भित्ति; अधिकांश कोशिकाएँ मृतकठोरता और दृढ़ता — नारियल का रेशा, अखरोट का छिलका, बीजावरण, पर्ण शिराएँ
जाइलमपादप — जटिल स्थायीवाहिनिकाएँ, वाहिकाएँ और तंतु (मोटी भित्ति वाले, दृढ़ोतकीय, मृत) + जाइलम मृदूतक (एकमात्र सजीव घटक)जड़ों से जल और खनिजों का ऊपर की ओर परिवहन; पादप को दृढ़ता भी
फ्लोएमपादप — जटिल स्थायीछिद्रित भित्तियों से जुड़ी चालनी नलिकाएँ, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम मृदूतक, फ्लोएम तंतु; अधिकांशतः सजीवपत्तियों से पादप के अन्य सभी भागों तक भोजन का परिवहन
उपकला ऊतकजंतुअत्यंत कम अंतराल वाली संहत कोशिकाएँ; चपटी, घनाकार, स्तंभाकार या पक्ष्माभयुक्तआवरण और आस्तर — विनिमय, सुरक्षा, स्रवण, संवेदन, अवशोषण
रक्तजंतु — संयोजीजलीय, जेली जैसी आधात्री (प्लाज्मा, कुल आयतन का 55%) में तैरती कोशिकाएँ — RBC, WBC, बिंबाणुपोषक तत्वों, गैसों और हार्मोन का परिवहन; रक्त का थक्का बनना; रक्षा
अस्थि, उपास्थि, कंडरा, स्नायुजंतु — संयोजीआधात्री में कोशिकाएँ — अस्थि में कैल्सियम-फॉस्फोरस युक्त दृढ़ आधात्री, उपास्थि में मृदु जेली जैसीअस्थि — दृढ़ता और सुरक्षा; उपास्थि — लचीलापन और आघात-अवशोषण; कंडरा — पेशी से अस्थि; स्नायु — अस्थि से अस्थि
पेशीय ऊतकजंतुकंकाल — लंबी, बेलनाकार, अशाखित, बहुकेंद्रकी, रेखित; चिकनी — तर्कुरूप, एकल केंद्रक, अरेखित; हृदय — शाखित, एकल केंद्रक, हल्की धारियाँऐच्छिक गति (कंकाल), धीमी अनैच्छिक गति (चिकनी), अथक लयबद्ध स्पंदन (हृदय)
तंत्रिका ऊतकजंतुन्यूरॉन — केंद्रक युक्त कोशिका-काय, द्रुमिकाएँ, लंबा तंत्रिकाक्ष और एक्सॉन टर्मिनलसंदेशों का ग्रहण, संसाधन और प्रेषण; नियंत्रण एवं समन्वय
  1. चिंतन कीजिए
  2. क्रियाकलाप 3.1
  3. पाठ्य प्रश्न
  4. पाठ्य प्रश्न
  5. पाठ्य प्रश्न
  6. पाठ्य प्रश्न
  7. सोचिए और बताइए
  8. सोचिए और बताइए
  9. पाठ्य प्रश्न
  10. क्रियाकलाप 3.2
  11. क्रियाकलाप 3.3
  12. पाठ्य प्रश्न
  13. क्रियाकलाप 3.4
  14. क्रियाकलाप 3.5
  15. पाठ्य प्रश्न
  16. सोचिए और बताइए
  17. वैज्ञानिक की भाँति सोचिए
  18. अभ्यास प्रश्न
  19. परियोजना कार्य
  20. खोज जारी है…
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