कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 4 अपने परिवेश में गति का वर्णन के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
किसी क्षण पर संदर्भ बिंदु से वस्तु की दूरी और दिशा मिलकर उसकी स्थिति बताती हैं। यदि यह स्थिति समय के साथ बदलती है तो वस्तु गतिमान है, अन्यथा विरामावस्था में। कुल चलित दूरी पूरे पथ की लंबाई है; विस्थापन केवल स्थिति में सकल परिवर्तन है और इसके लिए परिमाण के साथ दिशा भी बतानी पड़ती है। विस्थापन का परिमाण सदैव कुल चलित दूरी से कम या उसके बराबर होता है। माध्य चाल = कुल चलित दूरी ÷ समय अंतराल। माध्य वेग = विस्थापन ÷ समय अंतराल। दोनों का SI मात्रक m s⁻¹ है, किंतु दिशा केवल वेग के साथ जुड़ी होती है। माध्य त्वरण = वेग में परिवर्तन ÷ समय अंतराल, SI मात्रक m s⁻²। वेग का परिमाण बढ़ने पर यह वेग की दिशा में और घटने पर वेग के विपरीत दिशा में होता है। स्थिति-समय ग्राफ की प्रवणता वेग देती है — सरल रेखा का अर्थ नियत वेग, वक्र का अर्थ त्वरित गति। वेग-समय ग्राफ की प्रवणता त्वरण देती है और रेखा तथा समय-अक्ष के
त्वरित पुनरावृत्ति
| राशि | अर्थ | SI मात्रक | मुख्य बात |
|---|---|---|---|
| स्थिति | किसी क्षण पर संदर्भ बिंदु से दूरी एवं दिशा | m | एक नियत संदर्भ बिंदु और चिह्न-परिपाटी आवश्यक |
| चलित दूरी | वास्तव में तय किए गए पूरे पथ की लंबाई | m | कभी घटती नहीं; कोई दिशा नहीं |
| विस्थापन (s) | दो क्षणों के बीच स्थिति में सकल परिवर्तन | m | दिशा होती है; परिमाण ≤ चलित दूरी |
| माध्य चाल | कुल चलित दूरी ÷ समय अंतराल | m s⁻¹ | दिशा नहीं; वस्तु के चलने पर कभी शून्य नहीं |
| माध्य वेग (vav) | विस्थापन ÷ समय अंतराल | m s⁻¹ | माध्य चाल शून्य न होने पर भी यह शून्य हो सकता है |
| माध्य त्वरण (a) | वेग में परिवर्तन ÷ समय अंतराल | m s⁻² | ऋण चिह्न = त्वरण वेग के विपरीत दिशा में |
| स्थिति-समय ग्राफ की प्रवणता | स्थिति में परिवर्तन की दर | m s⁻¹ | वेग देती है |
| वेग-समय ग्राफ की प्रवणता | वेग में परिवर्तन की दर | m s⁻² | त्वरण देती है |
| वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल | वेग × समय अंतराल | m | विस्थापन देता है |
| शुद्धगतिक समीकरण | v = u + at, s = ut + ½at², v² = u² + 2as | — | केवल नियत त्वरण की स्थिति में वैध |
| एकसमान वृत्तीय गति | अचर चाल से वृत्ताकार पथ पर गति | — | त्वरित गति, क्योंकि वेग की दिशा बदलती रहती है |
| एक परिक्रमा की चाल | vav = 2πR/T | m s⁻¹ | एक पूरी परिक्रमा में माध्य वेग शून्य |
अभ्यास
- चिंतन कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 4.1
- सोचिए और बताइए
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 4.2
- क्रियाकलाप 4.3
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 4.4
- पाठ्य प्रश्न
- विज्ञान एवं समाज
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 4.5
- अभ्यास प्रश्न
- परियोजना कार्य