कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 4 क्रियाकलाप 4.2 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कारों के माध्य त्वरण का मापन किसी कार की चाल 0 km h⁻¹ से लेकर 100 km h⁻¹ तक पहुँचने में लिए गए समय द्वारा किया जा सकता है। इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार की कारों के लिए इस समय के मान ढूँढ़िए और उन्हें तालिका 4.2 में लिखिए।
कार का प्रकारवह समय अंतराल जिसमें कार की चाल 0 km h⁻¹ से 100 km h⁻¹ हो जाती है (s)माध्य त्वरण का परिमाण (m s⁻²)
तालिका 4.2, पृष्ठ 55 — किसी समय अंतराल में माध्य त्वरण का परिमाण (पुस्तक में यह तालिका रिक्त छपी है, जिसे आपको भरना है)।
उत्तर

सबसे पहले चाल में हुए परिवर्तन को SI मात्रक में बदलिए, क्योंकि त्वरण m s⁻² में चाहिए।

चाल में परिवर्तन = 100 km h⁻¹ − 0 km h⁻¹ = 100 km h⁻¹
100 km h⁻¹ = 100 × 1000 m / 3600 s = 27.8 m s⁻¹

अब प्रत्येक कार के लिए निर्माता या किसी सड़क-परीक्षण द्वारा बताया गया "0–100 km h⁻¹" समय ढूँढ़ कर बीच वाला स्तंभ भरिए। सामान्यत: प्रकाशित मान इस प्रकार होते हैं — इसे केवल नमूना मानिए; क्रियाकलाप का उद्देश्य यही है कि आप वास्तविक आँकड़े स्वयं खोजें।

कार का प्रकारवह समय अंतराल जिसमें कार की चाल 0 km h⁻¹ से 100 km h⁻¹ हो जाती है (s)माध्य त्वरण का परिमाण (m s⁻²)
छोटी हैचबैक12.02.3
मध्यम आकार की सेडान10.02.8
SUV (टर्बो पेट्रोल)8.53.3
विद्युत हैचबैक7.04.0
स्पोर्ट्स कार3.57.9
सुझाव: तीसरे स्तंभ को दो सार्थक अंकों तक ही रखिए। प्रकाशित 0–100 समय स्वयं केवल दशमलव के एक स्थान तक बताया जाता है, अत: त्वरण को तीन दशमलव तक लिखना झूठी परिशुद्धता होगी।
प्र2.
प्रत्येक कार के लिए माध्य त्वरण के परिमाण का परिकलन कीजिए।
उत्तर

पहले सूत्र लिखिए, फिर मान प्रतिस्थापित कीजिए — तालिका की हर पंक्ति के लिए वही तीन पंक्तियाँ।

माध्य त्वरण = (अंतिम वेग − प्रारंभिक वेग) / समय अंतराल   [समीकरण 4.3 ख]
|a| = (27.8 m s⁻¹ − 0 m s⁻¹) / t

नमूना पंक्तियों के लिए हल —

t = 12.0 s → |a| = 27.8 / 12.0 = 2.3 m s⁻²
t = 10.0 s → |a| = 27.8 / 10.0 = 2.8 m s⁻²
t = 8.5 s   → |a| = 27.8 / 8.5 = 3.3 m s⁻²
t = 7.0 s   → |a| = 27.8 / 7.0 = 4.0 m s⁻²
t = 3.5 s   → |a| = 27.8 / 3.5 = 7.9 m s⁻²
ऐसा क्यों होता है: हर कार को वही अंतिम चाल प्राप्त करनी है, इसलिए अंश 27.8 m s⁻¹ नियत है और त्वरण केवल समय के व्युत्क्रमानुपाती हो जाता है। जो कार अपना 0–100 समय आधा कर ले, उसका माध्य त्वरण दोगुना हो जाता है। इनकी तुलना g = 9.8 m s⁻² से कीजिए — स्पोर्ट्स कार तक आगे की ओर उतनी तेज़ी से चाल नहीं बढ़ा पाती जितनी तेज़ी से गिरता हुआ पत्थर नीचे की ओर बढ़ाता है।
स्वयं जाँचिए: यह मान पूरे दौर का माध्य है। वास्तविक त्वरण छोटे गियरों में सर्वाधिक होता है और अधिक चाल पर वायु-प्रतिरोध बढ़ने से घट जाता है — अत: कार किसी भी क्षण ठीक इसी मान से त्वरित नहीं हो रही होती।
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