कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 6 गति पर बलों का प्रभाव के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
बल का परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। इसका SI मात्रक न्यूटन (N) है और इसे कमानीदार तुला से मापा जाता है। एक न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान वाली वस्तु में 1 m s –2 का त्वरण उत्पन्न करता है। परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत बल संतुलित होते हैं; परिणामी बल शून्य होता है। असंतुलित बलों से शून्येतर परिणामी बल मिलता है — एक ही दिशा के बल जुड़ते हैं, विपरीत दिशा के घटते हैं। वस्तु की गति केवल परिणामी बल पर निर्भर करती है। घर्षण बल सदैव गति (या गति के प्रयास) की विपरीत दिशा में लगता है और संपर्क में आने वाली सतहों की प्रकृति पर निर्भर करता है। इसके बिना कोई गतिमान वस्तु स्वयं कभी धीमी नहीं होती। न्यूटन का प्रथम नियम — कोई वस्तु विरामावस्था में है तो विरामावस्था में ही रहेगी और गतिमान है तो नियत वेग से गति करती रहेगी, जब तक उस पर कोई परिणामी बल कार्य न करे। परिणामी बल शून्य का अर्थ है त्वरण शू
त्वरित पुनरावृत्ति
| पद | अर्थ | सूत्र या मुख्य नियम | अध्याय में कहाँ |
|---|---|---|---|
| बल (force) | धक्का या खिंचाव; इसके लिए परिमाण, दिशा और मात्रक तीनों बताने पड़ते हैं | SI मात्रक न्यूटन (N); 1 N = 1 kg m s–2 | खंड 6.1; चित्र 6.1 — ठोकर, प्रहार, निचोड़ना |
| कमानीदार तुला | स्प्रिंग के खिंचाव से बल का परिमाण मापने का उपकरण | पाठ्यांक N में; भार या कोई भी खिंचाव माप सकती है | चित्र 6.2; क्रियाकलाप 6.2 एवं 6.6 |
| संतुलित बल | परिमाण में बराबर, दिशा में विपरीत; परिणामी बल शून्य | परिणामी बल = 0 → त्वरण = 0 | रस्साकशी, चित्र 6.4 क; भार एवं अभिलंब बल |
| परिणामी बल | वह एकल बल जिसका प्रभाव सभी बलों के सम्मिलित प्रभाव के बराबर हो | एक ही दिशा: F1 + F2; विपरीत दिशा: |F1 – F2|, बड़े बल की दिशा में | उदाहरण 6.1; चित्र 6.5, चित्र 6.6 |
| घर्षण बल | दो सतहों के मध्य सापेक्ष गति का विरोध करने वाला संपर्क बल | सतहों की प्रकृति पर निर्भर; गति आरंभ होते ही तुला का पाठ्यांक इसका माप है | खंड 6.3; क्रियाकलाप 6.1, 6.2 |
| अभिलंब बल | सतह द्वारा उस पर रखी वस्तु पर लगाया गया बल, सतह के लंबवत | क्षैतिज सतह पर यह भार को संतुलित करता है | चित्र 6.11 |
| जड़त्व (inertia) | विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की वस्तु की प्रवृत्ति | न्यूटन का दिया शब्द; प्रथम नियम का आधार | वैज्ञानिक-परिचय, पृष्ठ 100 |
| न्यूटन का प्रथम नियम | परिणामी बल नहीं → वेग में परिवर्तन नहीं | परिणामी F = 0 पर a = 0 | खंड 6.4; उदाहरण 6.2, 6.3 |
| न्यूटन का द्वितीय नियम | परिणामी बल अपनी ही दिशा में त्वरण उत्पन्न करता है | a = F/m, अर्थात F = ma | खंड 6.5; समीकरण 6.1, 6.2 |
| भार (weight) | वह गुरुत्वाकर्षण बल जिससे पृथ्वी वस्तु को अपनी ओर खींचती है | F = mg, g = 9.8 m s–2 (त्वरित आकलन के लिए 10 m s–2) | समीकरण 6.3; उदाहरण 6.4 |
| न्यूटन का तृतीय नियम | बल सदैव युग्मों में, दो अलग-अलग वस्तुओं पर, बराबर और विपरीत | FAB = – FBA, भिन्न वस्तुओं पर | खंड 6.6; क्रियाकलाप 6.5, 6.6, 6.7 |
| संवेग (momentum) | द्रव्यमान × वेग; द्वितीय नियम का पूर्ण रूप इसके परिवर्तन की दर पर आधारित है | दिशा वेग की दिशा; द्रव्यमान बदलने पर भी लागू | आइए, और चिंतन करें — पृष्ठ 104 |
| वस्तुओं का निकाय | दो या अधिक जुड़ी वस्तुओं को एक ही वस्तु मानना | a = F ÷ (m1 + m2); आंतरिक बल छोड़ दिए जाते हैं | खंड 6.7; समीकरण 6.4, चित्र 6.34, 6.35 |
| टक्कर का समय बढ़ाना | रुकने का समय अधिक → त्वरण कम → बल कम | F = ma, जहाँ a = (v – u)/t | गेंद लपकना, एयरबैग, कूद का गद्दा, बुलबुलों वाली शीट |
अभ्यास
- चिंतन कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
- पाठ्य प्रश्न
- क्या होगा यदि…
- क्रियाकलाप 6.1
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 6.2
- वैज्ञानिक की भाँति सोचिए
- सोचिए और बताइए
- वैज्ञानिक की भाँति सोचिए
- क्रियाकलाप 6.3
- वैज्ञानिक की भाँति सोचिए
- क्रियाकलाप 6.4
- जिज्ञासा-सूत्र
- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 6.5
- क्रियाकलाप 6.6
- क्रियाकलाप 6.7
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
- पाठ्य प्रश्न
- अभ्यास प्रश्न
- परियोजना कार्य