कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 7 कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

किसी नियत बल द्वारा किया गया कार्य = बल × बल की दिशा में विस्थापन, अर्थात W = F × s। इसका SI मात्रक जूल है — 1 J = 1 N × 1 m = 1 kg m 2 s –2 । कार्य शून्य होता है जब F = 0 हो, अथवा s = 0 हो, अथवा बल विस्थापन के लंबवत हो। जब विस्थापन बल की दिशा में हो तो कार्य धनात्मक तथा विपरीत दिशा में हो तो ऋणात्मक होता है। कार्य की कोई दिशा नहीं होती, केवल चिह्न होता है। परिवर्ती बल के लिए किया गया कार्य बल-विस्थापन ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल होता है। कार्य-ऊर्जा प्रमेय: किसी वस्तु (या निकाय) पर किया गया कार्य = उसकी ऊर्जा में परिवर्तन। यह तब भी लागू होता है जब बल नियत न हो, और इसी से अध्याय के शेष सभी सूत्र प्राप्त होते हैं। गतिज ऊर्जा K = ½mv 2 — गति के कारण ऊर्जा। पृथ्वी की सतह के निकट गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा U = mgh — स्थिति के कारण ऊर्जा। दोनों का मात्रक जूल है। यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण: केवल गुरु

त्वरित पुनरावृत्ति
पदअर्थसूत्र या मुख्य नियमअध्याय में कहाँ
कार्यकिसी वस्तु पर बल लगे और वस्तु उसी बल की दिशा में विस्थापित होW = F × s; SI मात्रक जूल (J), 1 J = 1 N mअनुभाग 7.1, समीकरण 7.1 व 7.2; चित्र 7.2 गेहूँ के थैले उठाना
शून्य कार्यबल शून्य, विस्थापन शून्य, अथवा बल विस्थापन के लंबवतW = 0 — थकान होने पर भीअनुभाग 7.1.1; चित्र 7.5 दीवार धकेलना, चित्र 7.6 संदूक ले जाना
ऋणात्मक कार्यबल विस्थापन के विपरीत — बल ऊर्जा घटाता हैW = F × (– s)अनुभाग 7.1.2; उदाहरण 7.2, गोलरक्षक द्वारा गेंद रोकना
बल-विस्थापन ग्राफग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल किया गया कार्य देता है, परिवर्ती बल के लिए भीक्षेत्रफल = कार्य; 10 N × 1 m = 10 Jचित्र 7.4, पृष्ठ 118; प्रश्न 11, चित्र 7.37
ऊर्जाकार्य करने की क्षमता; इसका SI मात्रक भी जूल (J) हैयांत्रिक, तापीय, प्रकाश, ध्वनि, विद्युत, रासायनिक, नाभिकीयअनुभाग 7.3, चित्र 7.10
कार्य-ऊर्जा प्रमेयवस्तु पर किया गया कार्य उसकी ऊर्जा में परिवर्तन के रूप में प्रकट होता हैकिया गया कार्य = ऊर्जा में परिवर्तन (समीकरण 7.3)अनुभाग 7.2; इसी से समीकरण 7.5, 7.6 व 7.8 प्राप्त होते हैं
गतिज ऊर्जागति के कारण वस्तु में विद्यमान ऊर्जाK = ½mv2 (समीकरण 7.6); W = ½m(v2 – u2)अनुभाग 7.4.1; उदाहरण 7.4, 7.5, 7.6
स्थितिज ऊर्जाविकृति के कारण अथवा वस्तुओं के निकाय में सापेक्ष स्थितियों के कारण संचित ऊर्जापृथ्वी की सतह के निकट U = mgh (समीकरण 7.8)अनुभाग 7.4.2; क्रियाकलाप 7.1, उदाहरण 7.7
यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षणकेवल गुरुत्व के कार्य करने पर K + U नियत रहता हैशिखर पर mgh = आधार पर ½mv2अनुभाग 7.4.3; चित्र 7.19, क्रियाकलाप 7.2, उदाहरण 7.8, 7.9
शक्तिकार्य करने की दरP = W/t (समीकरण 7.11); 1 W = 1 J s–1; 1 hp = 746 Wअनुभाग 7.5; उदाहरण 7.10, 7.11
यांत्रिक लाभमशीन आपके लगाए बल को कितने गुना बढ़ा देती हैयांत्रिक लाभ = भार ÷ आयास (समीकरण 7.12)अनुभाग 7.6
घिरनीखाँचेदार पहिया जो रस्सी को दिशा देता है; स्थिर घिरनी केवल आयास की दिशा बदलती हैस्थिर घिरनी का यांत्रिक लाभ = 1अनुभाग 7.6.1; चित्र 7.23–7.25
आनत तलढलान जो भार को कम बल से किंतु अधिक दूरी तक ले जाकर ऊपर चढ़ाता हैयांत्रिक लाभ = L/h (समीकरण 7.13); F′ × L = mghअनुभाग 7.6.2; क्रियाकलाप 7.3, उदाहरण 7.12
उत्तोलकआलंब पर घूमने वाली दृढ़ छड़; आयास, आलंब व भार के क्रम से तीन श्रेणियाँआयास × आयास भुजा = भार × भार भुजा (समीकरण 7.15); यांत्रिक लाभ = आयास भुजा ÷ भार भुजाअनुभाग 7.6.3; क्रियाकलाप 7.4 व 7.5, तालिका 7.2, उदाहरण 7.13
घराट / पनचक्कीहिमालयी जलचक्की — गिरते जल की स्थितिज ऊर्जा पहिया घुमाकर चक्की का पत्थर चलाती हैजल की U → जल की K → पहिए का घूर्णन → अनाज पीसनाविज्ञान एवं समाज, पृष्ठ 136, चित्र 7.36
  1. चिंतन कीजिए
  2. पाठ्य प्रश्न
  3. सोचिए और बताइए
  4. पाठ्य प्रश्न
  5. सोचिए और बताइए
  6. पाठ्य प्रश्न
  7. सोचिए और बताइए
  8. क्रियाकलाप 7.1
  9. सोचिए और बताइए
  10. क्रियाकलाप 7.2
  11. सोचिए और बताइए
  12. पाठ्य प्रश्न
  13. क्रियाकलाप 7.3
  14. सोचिए और बताइए
  15. क्रियाकलाप 7.4
  16. पाठ्य प्रश्न
  17. क्रियाकलाप 7.5
  18. सोचिए और बताइए
  19. क्या होगा यदि …
  20. अभ्यास प्रश्न
  21. परियोजना कार्य
क्या यह उपयोगी रहा?