कक्षा ४ गणित अध्याय 11 छिद्र एवं कट के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
मिनी ने कागज को मोड़कर और काटकर यह अभिकल्पना (डिजाइन) बनाई है। अब आपकी बारी है! कागज की एक वर्गाकार शीट लीजिए और नीचे दिए गए निर्देशों का अनुसरण कीजिए।वर्गाकार कागज को बार-बार मोड़ा गया और फिर मुड़े किनारों से छोटे-छोटे टुकड़े काटे गए।मिनी की अभिकल्पना, खोलने के बाद।
उत्तर
मिनी ने वर्गाकार कागज को बार-बार मोड़ा और फिर मुड़े किनारों से छोटे टुकड़े काटे।
मुड़ा कागज खोलने पर बनी मिनी की अभिकल्पना।
एक वर्गाकार शीट लीजिए। आधे से मोड़िए — आयत बन जाएगा।
फिर आधे से मोड़िए — छोटा वर्ग बन जाएगा।
एक बार और कोने से मोड़िए — त्रिभुज बन जाएगा।
मुड़े त्रिभुज के किनारों से छोटे-छोटे टुकड़े काटिए।
अब धीरे-धीरे खोलिए।
ऐसा क्यों होता है: हर मोड़ परतों को दोगुना कर देता है। एक ही कटाव सारी परतों को एक साथ काटता है, इसलिए वही छोटा छिद्र कई बार, सुंदर क्रम में बनता है।
प्र2.
चुनौती 1 — जब आप कागज को खोलते हैं तो छिद्र और काटे गए भाग कहाँ दिखाई देंगे?
उत्तर
रानी ने दो बार मोड़ा है, इसलिए कागज की 4 परतें हैं। उसका हर कटाव खोलने पर 4 बार दिखाई देगा।
काटने के बाद रानी का मुड़ा कागज। ऊपर वाला और बाईं ओर वाला किनारा मोड़ हैं।
खोलने पर —
कोने का कटाव वहाँ था जहाँ दोनों खुले किनारे मिलते हैं, इसलिए वर्ग के चारों कोने कट जाते हैं।
मुड़े (बाएँ) किनारे का वर्गाकार कटाव खुलकर कागज के भीतर 2 पूरे छिद्र बनाता है — एक बीच से ऊपर, एक बीच से नीचे।
खुले (दाएँ) किनारे का वर्गाकार कटाव किनारे पर ही रहता है। वह 4 कटाव बनाता है — दो बाईं भुजा पर और दो दाईं भुजा पर।
खुला कागज — चारों कोने कटे, भुजाओं पर चार कटाव और भीतर दो छिद्र।
ऐसा क्यों होता है: मुड़े किनारे पर बना कटाव खुलने पर अपना मोड़ खो देता है, इसलिए उसके दोनों आधे मिलकर एक पूरा छिद्र बन जाते हैं। खुले किनारे का कटाव किनारे पर ही रह जाता है।
प्र3.
चुनौती 2 — कागज के एक टुकड़े को एक बार मोड़िए और चित्र में दिखाए अनुसार बीच में दो कट लगाइए। जब आप मोड़े गए कागज को खोलते हैं तो इस आकृति में कितनी भुजाएँ होंगी?एक बार मुड़ा कागज, जिसके मोड़ के बीच में दो कट लगाए गए हैं।
उत्तर
दोनों कट मुड़े किनारे पर, ठीक बीच में लगाए गए हैं।
एक बार मुड़ा कागज, जिसके मोड़ के बीच में दो कट लगाए गए हैं।
मुड़े कागज पर लगाए गए कट = 2 मोड़ खुलने पर हर कट 2 भुजाएँ बन जाता है 2 × 2 = 4 भुजाएँ
अतः खुलने पर बनी आकृति में 4 भुजाएँ होंगी। यह डायमंड जैसा चार भुजाओं वाला छिद्र है।
खुला कागज और उसका चार भुजाओं वाला छिद्र; भुजाएँ 1 से 4 तक गिनी गई हैं।
ऐसा क्यों होता है: मोड़ दर्पण की तरह काम करता है। मोड़ के एक ओर जो काटा जाता है, खुलने पर वही दूसरी ओर भी बन जाता है।
प्र4.
चुनौती 3 — एक कागज को दो बार मोड़िए। कागज के मध्य (केंद्र) में एक वर्गाकार छिद्र बनाने के लिए आप इसे कहाँ से काटेंगे? इस हेतु आपको इस कागज को कितनी बार काटना होगा?
उत्तर
उस कोने से काटिए जहाँ दोनों मुड़े किनारे मिलते हैं। केवल 2 कटाव चाहिए।
दो बार मोड़ने के बाद का कागज। घेरा लगाया कोना वही है जहाँ दोनों मोड़ मिलते हैं।
उस कोने से एक छोटा वर्ग, दो सीधे कटावों से काट दीजिए —
बाएँ: मुड़े कोने पर दो कटाव। दाएँ: खुले कागज के मध्य में बना वर्गाकार छिद्र।
छोटे वर्ग की भुजाएँ = 4 इनमें 2 भुजाएँ पहले से मुड़े किनारे हैं आवश्यक कटाव = 4 − 2 = 2
ऐसा क्यों होता है: जहाँ दोनों मोड़ मिलते हैं वही पूरे कागज का केंद्र है। दोनों मुड़े किनारे अपने आप छिद्र की दो भुजाएँ बन जाते हैं, इसलिए केवल बाकी दो भुजाएँ काटनी पड़ती हैं।