कक्षा ४ गणित अध्याय 13 चिन्नू के सिक्के के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
1. पाँच मित्रों ने समीप के एक मनोरंजन पार्क में जाने की योजना बनाई। … टिकट का मूल्य ₹ 750 है। भुवन सभी नोट ₹ 200 वाले लाया। मुन्ना सभी नोट ₹ 50 वाले लाया। जबकि बलदेव सभी नोट ₹ 20 वाले लाया। चिन्नू के पास सभी सिक्के ₹ 5 वाले थे। सिद्धार्थ के पास सभी सिक्के ₹ 2 वाले थे। (क) ज्ञात कीजिए कि प्रत्येक बच्चे को टिकट खरीदने के लिए कितने नोट/सिक्के लाने पड़े?
उत्तर
मनोरंजन पार्क के टिकट घर पर लगा मूल्य-बोर्ड।
बच्चा
नोट / सिक्का
हल
कितने
भुवन
₹200 के नोट
3 नोट = ₹600, 4 नोट = ₹800
4 नोट
मुन्ना
₹50 के नोट
750 ÷ 50 = 15
15 नोट
बलदेव
₹20 के नोट
37 नोट = ₹740, 38 नोट = ₹760
38 नोट
चिन्नू
₹5 के सिक्के
750 ÷ 5 = 150
150 सिक्के
सिद्धार्थ
₹2 के सिक्के
750 ÷ 2 = 375
375 सिक्के
भुवन: 750 ÷ 200 = 3, और ₹150 शेष रह जाते हैं। अत: 3 नोट पर्याप्त नहीं। उसे 4 नोट (₹800) लाने पड़े। बलदेव: 750 ÷ 20 = 37, और ₹10 शेष रह जाते हैं। अत: उसे 38 नोट (₹760) लाने पड़े।
ऐसा क्यों होता है: ₹200 और ₹20 से ₹750 पूरा-पूरा नहीं बनता, इसलिए बच्चे को एक नोट अधिक लाकर खुली धनराशि वापस लेनी पड़ती है।
प्र2.
(ख) इनमें से किस-किस बच्चे को खजांची (कैशियर) से कोई खुली धनराशि वापस नहीं मिलेगी?
उत्तर
मनोरंजन पार्क के टिकट घर पर लगा मूल्य-बोर्ड।
मुन्ना, चिन्नू और सिद्धार्थ को कोई खुली धनराशि वापस नहीं मिलेगी।
बच्चा
दी गई राशि
टिकट
वापसी
भुवन
₹800
₹750
₹50
मुन्ना
₹750
₹750
शून्य
बलदेव
₹760
₹750
₹10
चिन्नू
₹750
₹750
शून्य
सिद्धार्थ
₹750
₹750
शून्य
भुवन को वापसी:
7
10
₹
8
0
0
−
₹
7
5
0
₹
5
0
बलदेव को वापसी:
₹
7
6
0
−
₹
7
5
0
₹
1
0
ऐसा क्यों होता है: ₹50, ₹5 और ₹2 तीनों ₹750 को पूरा-पूरा बाँट देते हैं, इसलिए ये तीनों ठीक राशि दे सकते हैं।
संकेत: अंतिम अंकों को देखिए। 750 के अंत में 50 है और 50, 5 तथा 2 तीनों उसमें बिना शेष के समा जाते हैं।
प्र3.
(ग) खजांची को चिन्नू के सिक्के गिनने में कितना समय लगेगा?
उत्तर
चिन्नू ₹5 के 150 सिक्के लाता है।
नमूना उत्तर। मान लीजिए खजांची एक सेकंड में 1 सिक्का गिनता है।
यदि खजांची एक सेकंड में 2 सिक्के गिने तो 75 सेकंड — लगभग 1 मिनट 15 सेकंड लगेंगे।
यह भी कीजिए: घड़ी लेकर स्वयं 20 सिक्के (या 20 कंकड़) गिनिए। फिर 150 के लिए अपना उत्तर निकालिए।
ऐसा क्यों होता है: गिनने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि हम कितनी तेज़ी से गिनते हैं, इसलिए पहले गति तय करके फिर गुणा करते हैं।
प्र4.
2. निम्नलिखित गुणनों का अवलोकन कीजिए। यहाँ पहले से उत्तर दिए गए हैं। (12 × 13 = 156, 11 × 14 = 154, 13 × 13 = 169, 11 × 12 = 132) प्रत्येक स्थिति में क्या आप दोनों संख्याओं और उनके गुणनफल में कोई पैटर्न (प्रतिरूप) देख रहे हैं? (संकेत — रंगीन अंकों को देखिए।)पुस्तक में छपे चार गुणन, रंगीन अंकों के साथ।
उत्तर
पुस्तक में छपे चार गुणन, रंगीन अंकों के साथ।
दोनों संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं। केवल इकाई के अंक देखिए।
प्रश्न
इकाई के अंक
उनका योग
उनका गुणनफल
उत्तर
12 × 13
2 और 3
5
6
156
11 × 14
1 और 4
5
4
154
13 × 13
3 और 3
6
9
169
11 × 12
1 और 2
3
2
132
पैटर्न उत्तर का सैकड़े का अंक = 1 दहाई का अंक = दोनों इकाई अंकों का योग इकाई का अंक = दोनों इकाई अंकों का गुणनफल
ऐसा क्यों होता है: 12 × 13 = 12 × 10 + 12 × 3 = 120 + 36। 100 से 1 आता है, 20 और 30 मिलकर दहाई बनाते हैं और 2 × 3 से इकाई बनती है।
प्र5.
कौन-सी अन्य गुणन समस्याओं में यह पैटर्न (प्रतिरूप) लागू हो सकता है? ऐसे 5 उदाहरण ज्ञात कीजिए।पुस्तक में छपे चार गुणन, रंगीन अंकों के साथ।
उत्तर
यह पैटर्न तब काम करता है जब दोनों संख्याएँ 11 से 19 के बीच हों और
दोनों इकाई अंकों का योग 10 से कम हो, तथा
दोनों इकाई अंकों का गुणनफल भी 10 से कम हो।
पाँच उदाहरण:
प्रश्न
इकाई अंकों का योग
इकाई अंकों का गुणनफल
उत्तर
11 × 13
1 + 3 = 4
1 × 3 = 3
143
12 × 12
2 + 2 = 4
2 × 2 = 4
144
11 × 15
1 + 5 = 6
1 × 5 = 5
165
12 × 14
2 + 4 = 6
2 × 4 = 8
168
11 × 17
1 + 7 = 8
1 × 7 = 7
187
कहाँ नहीं चलता: 14 × 14 4 + 4 = 8 पर 4 × 4 = 16, जो एक अंक नहीं है। सही उत्तर 196 है, 1–8–16 नहीं।
ऐसा क्यों होता है: इकाई के स्थान पर केवल एक अंक की जगह है। यदि इकाई अंकों का गुणनफल 10 या अधिक हो तो हासिल दहाई में चला जाता है और सुंदर पैटर्न बिगड़ जाता है।