प्र1.
प्रत्येक अतिथि के आने के साथ सुमेधा अपने भाग के विषय में क्या सोच रही है?
उत्तर वही ढोकला 2, 3, 4 और 5 व्यक्तियों में बँटा हुआ। हर बार रंगा हुआ टुकड़ा सुमेधा का भाग है।
वह देख रही है कि हर नए अतिथि के आने पर उसका भाग छोटा होता जा रहा है।
2 व्यक्ति (सुमेधा, विनायक) → 1/2
3 व्यक्ति (कुमार आया) → 1/3
4 व्यक्ति (परिधि आई) → 1/4
5 व्यक्ति (इडा आई) → 1/5
3 व्यक्ति (कुमार आया) → 1/3
4 व्यक्ति (परिधि आई) → 1/4
5 व्यक्ति (इडा आई) → 1/5
ऐसा क्यों होता है: ढोकला उतना ही रहता है। अधिक लोगों में बाँटने पर उसे अधिक बराबर भागों में काटना पड़ता है, इसलिए हर भाग छोटा हो जाता है।