कक्षा ४ गणित अध्याय 5 आइए करते हैं के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
कागज का एक आयताकार टुकड़ा लीजिए। इसे 3 बराबर भागों में मोड़िए और फिर खोल दीजिए।
उत्तर
कागज को इस तरह मोड़िए कि तीन बराबर भाग बनें, फिर उसे खोल दीजिए।
एक आयताकार कागज लीजिए।
बाईं किनारी को लगभग एक-तिहाई तक मोड़िए और दबाइए।
दाईं ओर का भाग उसके ऊपर मोड़िए और फिर दबाइए।
कागज खोलिए। उस पर दो मोड़ की रेखाएँ दिखेंगी।
खुला हुआ कागज। दो मोड़ की रेखाएँ उसे तीन बराबर भागों में बाँटती हैं।
2 मोड़ की रेखाएँ → 3 बराबर भाग
हर भाग कागज का 1/3 है
ऐसा क्यों होता है: दो मोड़ कागज को दो जगह से काटते हैं और एक पट्टी पर दो कट हमेशा तीन टुकड़े बनाते हैं।
स्वयं जाँचिए: कागज को वापस मोड़िए। यदि तीनों भाग ठीक एक के ऊपर एक बैठ जाएँ तो आपके मोड़ बराबर थे।
प्र2.
चित्र में दर्शाए अनुसार 3 में से 1 भाग में रंग भरिए।खुला हुआ कागज। मोड़ की दो रेखाएँ इसे तीन बराबर भागों में बाँटती हैं।
उत्तर
तीनों में से किसी एक भाग में रंग भरिए। वह रंगा हुआ भाग कागज का 1/3 है।
तीन बराबर भागों में से एक भाग में रंग भरा गया है।
कागज 3 बराबर भागों में
रंगे हुए भाग = 1
रंगा हुआ हिस्सा = 1/3
ऐसा क्यों होता है: तीन बराबर भागों में से एक भाग को रेखा के ऊपर 1 और नीचे 3 लिखकर दर्शाते हैं।
प्र3.
अब कागज को पहले की तरह तीन बराबर भागों में मोड़िए और फिर इसे आधा मोड़ दीजिए।
उत्तर
पहले तीन भागों में मोड़िए, फिर उस मुड़ी हुई पट्टी को एक बार और, आधा मोड़िए।
कागज को दोनों मोड़ रेखाओं पर वापस मोड़िए।
अब पूरी मुड़ी हुई पट्टी को ऊपर से नीचे आधा मोड़िए।
नया मोड़ दबाइए और कागज पूरा खोल दीजिए।
अतिरिक्त मोड़ के बाद खुला हुआ कागज। नीली रेखा बीच का नया मोड़ है।
3 बराबर भाग, हर एक आधा-आधा
3 + 3 = 6 बराबर भाग
ऐसा क्यों होता है: पूरी पट्टी को आधा मोड़ने से तीनों भागों में से हर एक दो में कट जाता है, इसलिए भागों की संख्या 3 से बढ़कर 6 हो जाती है।
प्र4.
रंगीन भाग को ध्यान से देखिए। अब छायांकित भाग की भिन्न क्या है? इसका क्या अर्थ है?
उत्तर
अब छायांकित भाग 2/6 है। इसका अर्थ है कि 1/3 और 2/6 कागज की एक ही मात्रा हैं।
कागज अब 6 बराबर भागों में है और उनमें से 2 भाग रंगे हुए हैं।
अब कुल भाग = 6
अब रंगे हुए भाग = 2
छायांकित हिस्सा = 2/6
रंग उतना ही रहा, इसलिए 1/3 = 2/6
ऐसा क्यों होता है: अतिरिक्त मोड़ ने रंगीन भाग के 2 टुकड़े और पूरे कागज के 6 टुकड़े कर दिए। रंगीन क्षेत्रफल पहले जितना ही है, केवल टुकड़ों की संख्या बदली है।
प्र5.
कागज को फिर से मोड़िए और जाँच कीजिए कि इसका रंगीन भाग कैसे परिवर्तित होता है।
उत्तर
एक बार और मोड़िए। अब कागज 12 बराबर भागों में है और उनमें से 4 भाग रंगे हैं।
एक और मोड़ के बाद कागज 12 बराबर भागों में है और 4 भाग रंगे हुए हैं।
मोड़ने से पहले: 6 में से 2 रंगे → 2/6
हर भाग दो में कट जाता है
मोड़ने के बाद: 12 में से 4 रंगे → 4/12
और 1/3 = 2/6 = 4/12
ऐसा क्यों होता है: हर मोड़ रंगे हुए भागों की संख्या भी दोगुनी करता है और कुल भागों की संख्या भी, इसलिए रंगा हुआ हिस्सा उतना ही रहता है।
स्वयं जाँचिए: कागज को प्रकाश के सामने रखिए। नारंगी पट्टी अब भी उतनी ही चौड़ी है जितनी आरंभ में थी।
प्र6.
प्रत्येक बार मोड़ने के बाद आपने कौन-सी भिन्न देखी, उसे लिखिए। 1/3 = 2/6 = ____ = ____ = ____
उत्तर
1/3 = 2/6 = 4/12 = 8/24 = 16/48
1/3
2/6
4/12
वही रंगी हुई पट्टी — बिना मोड़, एक मोड़ के बाद और दो मोड़ के बाद।
कितने मोड़
कुल बराबर भाग
रंगे हुए भाग
भिन्न
कोई नहीं
3
1
1/3
1
6
2
2/6
2
12
4
4/12
3
24
8
8/24
4
48
16
16/48
ऐसा क्यों होता है: हर मोड़ दोनों संख्याओं को दोगुना कर देता है — रंगे हुए भाग भी और कुल भाग भी। इसलिए ये सभी भिन्नें कागज के उसी हिस्से का नाम हैं।