कक्षा ४ गणित अध्याय 9 आइए हल करते हैं के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
हल कीजिए — (क) 45 × 9 (ख) 507 × 7 (ग) 94 ÷ 4 (घ) 778 ÷ 6 (ङ) 94 × 5 (च) 396 × 4 (छ) 83 ÷ 3 (ज) 635 ÷ 5
उत्तर
प्रश्नहलउत्तर
(क) 45 × 9(40 × 9) + (5 × 9) = 360 + 45405
(ख) 507 × 7(500 × 7) + (7 × 7) = 3500 + 493549
(ग) 94 ÷ 44 के 20 समूह = 80, 3 समूह = 12, 2 शेष23, शेष 2
(घ) 778 ÷ 66 के 100 समूह = 600, 29 समूह = 174, 4 शेष129, शेष 4
(ङ) 94 × 5(90 × 5) + (4 × 5) = 450 + 20470
(च) 396 × 4(300 × 4) + (90 × 4) + (6 × 4) = 1200 + 360 + 241584
(छ) 83 ÷ 33 के 20 समूह = 60, 7 समूह = 21, 2 शेष27, शेष 2
(ज) 635 ÷ 55 के 100 समूह = 500, 27 समूह = 135, 0 शेष127

गुणा के लिए सैकड़ा-दहाई में बाँटिए और भाग के लिए आसान समूह निकालिए।

जाँच:
405 ÷ 9 = 45  23 × 4 + 2 = 94  129 × 6 + 4 = 778
27 × 3 + 2 = 83  127 × 5 = 635
सुझाव: (ङ) में 94 × 5, 94 × 10 का आधा है। 940 ÷ 2 = 470।
प्र2.
गणित में कुछ कथन सदैव सत्य होते हैं, कुछ कभी-कभी सत्य होते हैं तथा कुछ कदापि सत्य नहीं होते। उपयुक्त स्तंभ में (✓) का चिह्न लगाएँ। (क) 10 से गुणा करने पर संख्या के इकाई अंक में 0 प्राप्त होता है। (ख) किसी संख्या को 2 से गुणा करने पर विषम संख्या प्राप्त होती है। (ग) किसी संख्या को 5 से गुणा करने पर इकाई अंक 5 प्राप्त होता है। (घ) विषम संख्या के तुरंत बाद की संख्या सम संख्या होती है। (ङ) किसी भी संख्या को आधा करने पर सम संख्या प्राप्त होती है। (च) किसी संख्या में 0 जोड़ने पर वह संख्या 1 अंक बढ़ जाती है।
उत्तर
कथनसदैव सत्यसदैव असत्यकभी-कभी सत्य
(क) 10 से गुणा करने पर संख्या के इकाई अंक में 0 प्राप्त होता है।
(ख) किसी संख्या को 2 से गुणा करने पर विषम संख्या प्राप्त होती है।
(ग) किसी संख्या को 5 से गुणा करने पर इकाई अंक 5 प्राप्त होता है।
(घ) विषम संख्या के तुरंत बाद की संख्या सम संख्या होती है।
(ङ) किसी भी संख्या को आधा करने पर सम संख्या प्राप्त होती है।
(च) किसी संख्या में 0 जोड़ने पर वह संख्या 1 अंक बढ़ जाती है।

पूरी की गई तालिका।

  • (क) 7 × 10 = 70, 23 × 10 = 230। दस से गुणा करने पर इकाई में सदा 0 आता है।
  • (ख) दुगुना करने से दो समान समूह बनते हैं, इसलिए उत्तर सदा सम होता है।
  • (ग) 5 × 1 = 5 पर 5 × 2 = 10। कभी इकाई अंक 5 आता है, कभी 0।
  • (घ) सम और विषम बारी-बारी से आते हैं — 7 → 8, 13 → 14। यह सदैव सत्य है।
  • (ङ) 8 का आधा 4 (सम) पर 6 का आधा 3 (विषम)। यह कभी-कभी सत्य है।
  • (च) 25 + 0 = 25। 0 जोड़ने से संख्या बदलती ही नहीं, इसलिए यह कदापि सत्य नहीं।
ऐसा क्यों होता है: “सदैव सत्य” के लिए कथन हर संख्या पर सही होना चाहिए। एक भी संख्या उसे गलत कर दे तो वह “कभी-कभी सत्य” या “सदैव असत्य” हो जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा?