प्र1.
अपने घर में श्री अन्न (मोटे अनाज) से बने किसी खाद्य पदार्थ के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर
पृष्ठ 75 के चित्र में श्री अन्न की दुकान पर टँगी व्यंजन-सूची।
श्री अन्न अर्थात मोटे अनाज हैं — ज्वार, बाजरा, रागी और जौ। पृष्ठ 75 पर ‘पोषक आहार’ दुकान पर टँगी व्यंजन-सूची यह है —
| पोषक आहार — व्यंजन-सूची |
|---|
| ज्वार का उपमा |
| रागी के लड्डू |
| बाजरे की खिचड़ी |
चरण 1 — घर पर पूछिए कि आपकी रसोई में श्री अन्न का कौन-सा व्यंजन बनता है।
चरण 2 — उसका नाम और उसमें प्रयुक्त अनाज लिखिए।
चरण 3 — पूछिए कि वह कौन बनाता है और किस ऋतु में खाया जाता है।
चरण 4 — उसकी मुख्य सामग्रियाँ और बनाने की विधि एक पंक्ति में लिखिए।
चरण 2 — उसका नाम और उसमें प्रयुक्त अनाज लिखिए।
चरण 3 — पूछिए कि वह कौन बनाता है और किस ऋतु में खाया जाता है।
चरण 4 — उसकी मुख्य सामग्रियाँ और बनाने की विधि एक पंक्ति में लिखिए।
नमूना उत्तर:
- व्यंजन का नाम: बाजरे की रोटी
- अनाज: बाजरा
- ऋतु: सर्दी — दादी कहती हैं कि यह शरीर को गर्म रखती है।
- सामग्री: बाजरे का आटा, पानी, थोड़ा नमक, घी।
- बनाने की विधि: आटा गूँथकर हाथ से गोल रोटी बनाई जाती है और तवे पर सेंकी जाती है।
- किसके साथ: घी, गुड़ या सरसों के साग के साथ।
ऐसा क्यों: श्री अन्न पोषक तत्वों के समृद्ध स्रोत हैं, इसलिए उतनी ही मात्रा में वे साधारण आटे से अधिक पोषण देते हैं। इसी कारण इन्हें पोषक आहार कहा जाता है।
क्या आप जानते हैं? सुरभि की दादी सर्दियों में ज्वार और बाजरे की रोटी तथा गर्मियों में जौ की रोटी खाती थीं — अलग-अलग अनाज अलग-अलग ऋतुओं के लिए उपयुक्त होते हैं।