कक्षा ४ हिंदी अध्याय 1 बातचीत के लिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है या नहीं? कारण भी बताइए।
उत्तर

हाँ, पशु-पक्षियों के लिए घर बहुत आवश्यक है। इसके तीन कारण हैं—

  • मौसम से बचाव: घर में वे तेज धूप, वर्षा और ठंड से बच जाते हैं।
  • बच्चों की सुरक्षा: चिड़िया घोंसले में ही अंडे देती है। कविता की चिड़िया भी पहले अंडे में थी, फिर घोंसले में। खुले में अंडे सुरक्षित नहीं रहते।
  • शत्रु से बचाव: बिल्ली, साँप और बाज जैसे जानवर उन्हें आसानी से नहीं पकड़ पाते।
क्यों: घर का मतलब केवल रहने की जगह नहीं है। घर वह जगह है जहाँ कोई कमज़ोर और छोटा भी सुरक्षित रह सके।
प्र2.
आपके परिवार के सदस्य घर से बाहर क्यों जाते हैं?
उत्तर

यह आपके अपने घर का प्रश्न है। उत्तर लिखते समय यह सोचिए कि घर का हर सदस्य दिन में कहाँ-कहाँ जाता है और किस काम से जाता है।

अच्छे उत्तर में ये बातें आनी चाहिए —

  • कम-से-कम तीन सदस्यों का नाम या रिश्ता।
  • हर एक के बाहर जाने का कारण।
नमूना उत्तर: मेरे पिताजी काम पर जाते हैं। माँ बाज़ार से सब्जी और सामान लाती हैं। दीदी और मैं विद्यालय जाते हैं। दादाजी सुबह टहलने और मंदिर जाते हैं। जैसे पक्षी भोजन की खोज में घोंसले से निकलते हैं, वैसे ही हमारे घर के लोग भी अपने-अपने काम से बाहर जाते हैं।
प्र3.
जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं या बाहर से आते हैं तो आपको कैसा लगता है और क्यों?
उत्तर

इसमें दो बातें लिखनी हैं — कैसा लगता है और क्यों लगता है

नमूना उत्तर: जब मेरे पिताजी सुबह काम पर जाते हैं तो मुझे थोड़ा उदास लगता है, क्योंकि फिर शाम तक उनसे बात नहीं हो पाती। जब वे शाम को लौटते हैं तो मैं दौड़कर दरवाज़े पर जाता हूँ। मुझे बहुत खुशी होती है, क्योंकि तब पूरा परिवार साथ बैठकर बातें करता है।
क्यों: अपने लोग पास हों तो मन को सुरक्षा और खुशी मिलती है। इसीलिए जाने पर उदासी और लौटने पर खुशी होती है।
प्र4.
जब कोई अतिथि आपके घर आता है या आप किसी संबंधी के यहाँ जाते हैं तो आपको कैसा लगता है?
उत्तर

इस प्रश्न में अपना सच्चा अनुभव बताइए और एक कारण भी दीजिए।

नमूना उत्तर: जब कोई अतिथि हमारे घर आता है तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। घर में चहल-पहल हो जाती है, माँ कुछ मीठा बनाती हैं और हम सब देर तक बातें करते हैं। जब मैं नानी के घर जाता हूँ तो और भी अच्छा लगता है, क्योंकि वहाँ मुझे नए खेल, नए बच्चे और नई जगहें देखने को मिलती हैं।
क्यों: जैसे चिड़िया घोंसले से बाहर निकलकर नई दुनिया देखती है, वैसे ही हम भी किसी के घर जाकर नई बातें सीखते हैं।
प्र5.
क्या आपको लगता है कि पक्षियों की तरह हम भी धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार देखते हैं? अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर

हाँ, बिलकुल ऐसा ही होता है। कविता की चिड़िया की तरह हमारी दुनिया भी धीरे-धीरे बड़ी होती है।

चिड़िया की दुनियाहमारी दुनिया
अंडामाँ की गोद
घोंसलाअपना घर
पेड़ की शाखेंगली, मोहल्ला और विद्यालय
खुला आकाशदूसरे शहर, दूसरे राज्य, सारा संसार
नमूना उत्तर: छोटा था तब मुझे लगता था कि मेरा घर और मेरी गली ही सारी दुनिया है। फिर मैं विद्यालय जाने लगा और नए दोस्त बने। पिछली गर्मियों में मैं पहली बार रेलगाड़ी से नानी के गाँव गया। रास्ते में इतने खेत, नदियाँ और गाँव दिखे कि मुझे भी चिड़िया की तरह लगा — “बहुत बड़ा है यह संसार।”
क्या यह उपयोगी रहा?