कक्षा ५ गणित अध्याय 1 मनोरंजक गणित के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
1. मीरा संजू को नदी पार करने की पहेली देती है। एक नाविक नाव से नदी को पार करना चाहता है। वह अपने साथ एक शेर, एक भेड़ और एक घास का गट्ठर ले जाना चाहता है। वह एक समय में इनमें से किसी एक को ही ले जा सकता है। यदि भेड़ और घास को किनारे पर छोड़ दिया गया तो भेड़ घास को खा जाएगी और यदि भेड़ और शेर को किनारे पर छोड़ दिया गया तो शेर भेड़ को खा जाएगा। नाविक शेर, भेड़ और घास को नदी के पार कैसे ले जा सकता है? नाविक की सहायता कीजिए जिससे वह न्यूनतम चक्करों की संख्या में शेर, भेड़ और घास को सुरक्षित नदी पार करा सके।
घासशेरभेड़नाविकनदी
नदी पार करने की पहेली। घास, शेर और भेड़ सब इसी किनारे पर हैं; नाविक को इन्हें एक-एक करके उस पार ले जाना है।
उत्तर

यह 7 चक्करों में हो सकता है। चतुराई इसमें है कि नाविक कुछ वापस भी ला सकता है।

चक्करनाविक क्या करता हैइस किनारे पर बचाउस पार पहुँचा
1भेड़ को पार ले जाता हैशेर, घासभेड़
2अकेला वापस आता हैशेर, घासभेड़
3घास को पार ले जाता हैशेरभेड़, घास
4भेड़ को वापस लाता हैशेर, भेड़घास
5शेर को पार ले जाता हैभेड़शेर, घास
6अकेला वापस आता हैभेड़शेर, घास
7भेड़ को पार ले जाता हैशेर, भेड़, घास

हर स्थिति जाँचिए। शेर और भेड़ कभी अकेले साथ नहीं छूटते। भेड़ और घास कभी अकेले साथ नहीं छूटतीं। अत: कोई किसी को नहीं खाता।

भेड़ ही पहले क्यों: भेड़ ही असली परेशानी है — उसे शेर से खतरा है और घास को उससे खतरा है। शेर और घास आराम से साथ बैठ सकते हैं, क्योंकि शेर घास नहीं खाता। इसलिए भेड़ को पहले हटाना पड़ता है और बाद में वापस लाना पड़ता है, ताकि शेर और घास अलग-अलग रहें।
यह भी कीजिए: मेज पर कागज की तीन पर्चियाँ रखकर खेलिए। फिर भेड़ के बजाय घास से शुरू करके देखिए — कितनी जल्दी गड़बड़ हो जाती है।
प्र2.
2. संजू मीरा को कंकड़ों का ढेर नामक खेल से परिचय कराता है। यहाँ कंकड़ों के दो ढेर हैं। प्रत्येक ढेर में 7 कंकड़ हैं। प्रत्येक खिलाड़ी किसी भी ढेर में से जितने चाहे उतने कंकड़ों को चुन सकता है। जो खिलाड़ी अंतिम कंकड़ चुनता है, वह जीत जाता है। अपने मित्रों के साथ इस खेल को खेलने का प्रयत्न कीजिए। अब आप कैसे खेलेंगे कि आप जीत जाएँ? जीतने की रणनीति ढूँढ़ने के लिए प्रत्येक ढेर में से एक कंकड़, प्रत्येक में से दो कंकड़, प्रत्येक में से तीन कंकड़ इत्यादि के साथ खेलने का प्रयास कीजिए।
उत्तर

दूसरे नंबर पर खेलिए, और हर बार दोनों ढेरों को फिर से बराबर कर दीजिए। यही कीजिए, आप जीतेंगे।

चरण 1 — सबसे छोटा खेल आजमाइए: हर ढेर में 1 कंकड़। पहला खिलाड़ी जो भी उठाए, दूसरे ढेर में एक कंकड़ बचेगा, और आप उसे उठाकर जीत जाएँगे। अत: दूसरा खिलाड़ी जीतता है

चरण 2 — हर ढेर में 2 कंकड़। मान लीजिए पहला खिलाड़ी एक ढेर से 1 उठाता है, तो बचे 1 और 2। आप दूसरे ढेर से 1 उठाइए, हो गए 1 और 1 — वही खेल जिसे आप जीतना जानते हैं। यदि वह पूरा ढेर उठा ले, तो आप दूसरा पूरा ढेर उठा लीजिए। फिर दूसरा खिलाड़ी जीतता है।

चरण 3 — हर ढेर में 3 कंकड़। वही बात। उनकी चाल की नकल दूसरे ढेर में कीजिए, ताकि ढेर बराबर बने रहें।

चरण 4 — 7 और 7 के लिए नियम।

दूसरे खिलाड़ी को पहले चलने दीजिए।
वह एक ढेर से जितने कंकड़ उठाए, आप दूसरे ढेर से ठीक उतने ही उठाइए
आपकी हर चाल के बाद दोनों ढेर बराबर रहते हैं।

एक नमूना खेल—

चालखिलाड़ीकितने उठाएअब ढेर
आरंभ7 · 7
1मित्रढेर क से 34 · 7
2आपढेर ख से 34 · 4
3मित्रढेर ख से 44 · 0
4आपढेर क से 40 · 0 — अंतिम कंकड़ आपने उठाया, आप जीते
नकल क्यों काम करती है: जब तक ढेर बराबर हैं, आपके पास नकल करने के लिए कुछ न कुछ रहेगा — दूसरे ढेर में उतने कंकड़ अवश्य होंगे जितने अभी मित्र ने उठाए। अत: आप कभी अटकेंगे नहीं। और आप सदैव बराबर ढेर छोड़ते हैं, इसलिए मित्र कभी मेज खाली नहीं कर पाएगा। मेज खाली करने वाला सदैव आप ही होंगे।
यह भी कीजिए: असमान ढेरों से आरंभ कीजिए, जैसे 5 और 3। अब पहला खिलाड़ी जीतेगा: 5 वाले ढेर से 2 उठाकर उसे 3 और 3 कर दीजिए, फिर बस नकल करते रहिए।
प्र3.
3. अब मीरा की बारी है। वह संजू को एक मनोरंजक पहेली देती है जिसके चरण हैं — (क) कोई दो भिन्न अंक लीजिए (ख) उनका उपयोग करके 2-अंकों की संख्याएँ बनाइए (ग) बड़ी संख्या में से छोटी संख्या को घटाइए। अब अंतर में प्राप्त संख्या के दोनों अंकों को लीजिए और चरण (ख) व (ग) को दोहराइए। इस प्रक्रिया को तब तक करते रहिए जब तक कि 1-अंकीय संख्या प्राप्त न हो जाए। मीरा बोली, आपने चाहे कोई भी दो संख्याएँ चुनी हों किंतु अंत में आपको 9 ही प्राप्त होगा। मीरा को कैसे पता चला कि अंत में एक अंक की संख्या क्या होगी?
उत्तर

मीरा को इसलिए पता था कि यहाँ जो भी अंतर मिल सकता है, वह 9 का गुणज ही होता है, और 9 के गुणजों की शृंखला अंत में 9 पर ही रुकती है।

चरण 1 — देखिए कि एक घटाव वास्तव में करता क्या है। अंक 3 और 7 लीजिए।

दोनों संख्याएँ हैं 73 और 37।
73 = 7 दहाई + 3 इकाई
37 = 3 दहाई + 7 इकाई
73 – 37 = (7 – 3) दहाई – (7 – 3) इकाई = 4 दहाई – 4 इकाई
= 40 – 4 = 36

चरण 2 — नियम कहिए।

संख्याओं का अंतर = 9 × (दोनों अंकों का अंतर)
यहाँ: 7 – 3 = 4, और 9 × 4 = 36 ✓

चरण 3 — अत: हर उत्तर 9 का गुणज है। 9 के केवल ये 2-अंकीय गुणज हैं — 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72, 81। इनमें से जिस पर भी पहुँचिए, उसके दोनों अंकों को फिर घटाया जाएगा — और वह भी 9 का गुणज ही देगा।

चरण 4 — पुस्तक की शृंखला देखिए।

73 – 37 = 36
63 – 36 = 27
72 – 27 = 45
54 – 45 = 9
अंत में 9 ही क्यों: 9 का केवल एक ही 1-अंकीय गुणज है — स्वयं 9। इसलिए जैसे ही शृंखला सिकुड़कर एक अंक की हो जाती है, वह अंक 9 ही होगा। उसके पास और कोई जगह ही नहीं है।
प्र4.
(1) उपर्युक्त प्रत्येक चरण में प्राप्त अंतर को ध्यान से देखिए? क्या आपको उनमें कोई समानता दिखाई देती है?
उत्तर

पुस्तक के उदाहरण में अंतर हैं 36, 27, 45, 9। इन सब में दो बातें एक जैसी हैं।

  1. हर एक 9 के पहाड़े में आता है।
  2. हर एक के अंकों का योग 9 है।
अंतरक्या यह 9 × कुछ है?अंकों का योग
369 × 43 + 6 = 9
279 × 32 + 7 = 9
459 × 54 + 5 = 9
99 × 19
संकेत: अंकों को जोड़ना 9 के पहाड़े की झटपट जाँच है। यदि किसी संख्या के अंकों का योग 9 हो, तो वह संख्या 9 का गुणज है।
प्र5.
(2) कोई दूसरा अंक-युग्म लेकर पहेली को हल करने का प्रयास कीजिए। इन अंतरों में क्या समानता है? आपको अंत में क्या प्राप्त होता है?
उत्तर

अंक 2 और 9 लीजिए।

चरण 1 : 92 – 29 = 63
चरण 2 : 63 – 36 = 27
चरण 3 : 72 – 27 = 45
चरण 4 : 54 – 45 = 9

अंक 5 और 6 लीजिए।

चरण 1 : 65 – 56 = 9

अंक 1 और 4 लीजिए।

चरण 1 : 41 – 14 = 27
चरण 2 : 72 – 27 = 45
चरण 3 : 54 – 45 = 9

समानता: हर अंतर 9 का गुणज है — 63, 27, 45, 9। और चरण चाहे जितने लगें, अंत में सदैव 9 ही मिलता है

क्यों: एक घटाव सदैव 9 × (अंकों का अंतर) देता है, इसलिए उत्तर केवल 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72 या 81 हो सकता है। इनमें से हर एक फिर उसी क्रिया में जाता है और फिर 9 का गुणज देता है। शृंखला सिकुड़ती जाती है और अंत में केवल 9 का 1-अंकीय गुणज बचता है — अर्थात् 9।
प्र6.
(3) आप कौन-से अंक चुन सकते हैं जिससे आपको पहले ही चरण में एक अंक की संख्या प्राप्त हो जाए? कुछ उदाहरण दीजिए। अंकों में प्रतिरूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर

ऐसे दो अंक चुनिए जो आस-पास वाले हों — जिनका अंतर 1 हो।

उदाहरण:
2 और 3 → 32 – 23 = 9
4 और 5 → 54 – 45 = 9
6 और 7 → 76 – 67 = 9
8 और 9 → 98 – 89 = 9

ऐसे सभी युग्म: (1, 2) · (2, 3) · (3, 4) · (4, 5) · (5, 6) · (6, 7) · (7, 8) · (8, 9)।

प्रतिरूप: दोनों अंक क्रमागत हैं — एक दूसरे से ठीक 1 बड़ा है।

ऐसा क्यों: अंतर सदैव 9 × (अंकों का अंतर) होता है। 1 अंक का उत्तर पाने के लिए वह अंतर 9 ही होना चाहिए। अर्थात् 9 × (अंकों का अंतर) = 9, जिसका अर्थ है कि दोनों अंकों का अंतर ठीक 1 हो।
सावधान: युग्म (0, 1) काम नहीं करता, क्योंकि तब दोनों संख्याएँ 10 और 01 होंगी — और 01 कोई ठीक 2-अंकीय संख्या नहीं है।
प्र7.
(4) अब ऐसे अंकों को ढूँढ़िए जिनसे बनी संख्याओं का अंतर 27 हो।
उत्तर

ऐसे दो अंक चुनिए जिनका अंतर 3 हो।

3 ही क्यों? क्योंकि संख्याओं का अंतर = 9 × (अंकों का अंतर)
27 = 9 × 3, अत: अंकों का अंतर 3 होना चाहिए।

सभी काम करने वाले युग्म—

अंकदोनों संख्याएँघटाव
1, 441 और 1441 – 14 = 27
2, 552 और 2552 – 25 = 27
3, 663 और 3663 – 36 = 27
4, 774 और 4774 – 47 = 27
5, 885 और 5885 – 58 = 27
6, 996 और 6996 – 69 = 27
स्वयं जाँचिए: कोई भी पंक्ति लेकर कागज पर घटाव कीजिए। हर एक से 27 ही मिलेगा।
प्र8.
(5) मीरा को दोनों अंकों और प्राप्त अंतर के मध्य एक रोचक संबंध प्राप्त होता है। क्या आप इसे मीरा द्वारा बनाई गई तालिका में देख सकते हैं?
अंकअंकों में अंतरअंकों द्वारा बनाई गई संख्याओं में अंतर
3, 77 – 3 = 473 – 37 = 36
1, 99 – 1 = 891 – 19 = 72
2, 88 – 2 = 682 – 28 = 54
4, 55 – 4 = 154 – 45 = 9
पृष्ठ 13 पर छपी मीरा की बनाई तालिका।
उत्तर

हाँ। संबंध यह है—

संख्याओं में अंतर = 9 × अंकों में अंतर

मीरा की तालिका की हर पंक्ति पर जाँचिए।

अंकअंकों में अंतरउसका 9 गुनासंख्याओं में अंतर
3, 749 × 4 = 3673 – 37 = 36 ✓
1, 989 × 8 = 7291 – 19 = 72 ✓
2, 869 × 6 = 5482 – 28 = 54 ✓
4, 519 × 1 = 954 – 45 = 9 ✓
9 कहाँ से आता है: मान लीजिए बड़ा अंक पहले लिखा है। बड़ी संख्या में वह अंक दहाई के स्थान पर है और छोटी संख्या में वही अंक इकाई के स्थान पर। अत: दहाई अंकों के अंतर जितनी बढ़ती है और इकाई उतनी ही घटती है। यह हुआ उसका 10 गुना घटा 1 गुना — अर्थात् 9 गुना।
प्र9.
उपयुक्त अंकों को चुनकर इस तालिका का विस्तार इस प्रकार कीजिए कि परिणामी अंतर क्रमश: 2, 3, 5 और 7 हों।
अंकअंकों में अंतरअंकों द्वारा बनाई गई संख्याओं में अंतर
3, 77 – 3 = 473 – 37 = 36
1, 99 – 1 = 891 – 19 = 72
2, 88 – 2 = 682 – 28 = 54
4, 55 – 4 = 154 – 45 = 9
   
   
   
   
पृष्ठ 13 पर छपी मीरा की तालिका, और आपके जोड़ने के लिए चार खाली पंक्तियाँ।
उत्तर

मीरा की तालिका में अंकों के अंतर 4, 8, 6 और 1 पहले से हैं। बचे चार हैं 2, 3, 5 और 7। वे यहाँ हैं।

अंकअंकों में अंतरअंकों द्वारा बनाई गई संख्याओं में अंतर
3, 55 – 3 = 253 – 35 = 18
1, 44 – 1 = 341 – 14 = 27
2, 77 – 2 = 572 – 27 = 45
1, 88 – 1 = 781 – 18 = 63

हर एक को नियम से जाँचिए (संख्याओं में अंतर = 9 × अंकों में अंतर):

9 × 2 = 18 ✓
9 × 3 = 27 ✓
9 × 5 = 45 ✓
9 × 7 = 63 ✓
अन्य सही विकल्प: 2 के अंतर के लिए आप 4 और 6, या 7 और 9 भी ले सकते हैं — कोई भी युग्म जिसका अंतर 2 हो। उत्तर 18 ही रहेगा।
प्र10.
अंकों के बीच का अंतर क्या दर्शाता है?
उत्तर

दोनों अंकों का अंतर बताता है कि आपको 9 का कौन-सा गुणज मिलेगा। बस उसे 9 से गुणा कीजिए।

अंकों में अंतर12345678
संख्याओं में अंतर918273645546372

अत: अंकों का अंतर एक गुप्त संकेत जैसा है। उसे जानते ही आपको उत्तर बिना घटाए ही पता चल जाता है।

अंक 2 और 9 → अंतर 7 → उत्तर होगा 9 × 7 = 63
जाँच: 92 – 29 = 63 ✓
यह भी कीजिए: किसी मित्र से कहिए कि वह दो अंक चुने और केवल यह बताए कि वे कितने दूर हैं। उसके घटाव पूरा करने से पहले ही आप उत्तर बता दीजिए।
प्र11.
उन संख्याओं की सूची बनाइए जिनमें तीसरे घटाव में 1-अंक की संख्या प्राप्त होती है।
उत्तर

9 तीसरे घटाव में तब मिलता है जब आपके दोनों अंकों का अंतर 3 हो या 8 हो।

अंतर 3 वाले — जैसे 1 और 4:

पहला घटाव : 41 – 14 = 27
दूसरा घटाव : 72 – 27 = 45
तीसरा घटाव : 54 – 45 = 9

संख्याएँ हैं: 41 और 14 · 52 और 25 · 63 और 36 · 74 और 47 · 85 और 58 · 96 और 69

अंतर 8 वाला — युग्म 1 और 9:

पहला घटाव : 91 – 19 = 72
दूसरा घटाव : 72 – 27 = 45
तीसरा घटाव : 54 – 45 = 9

संख्याएँ हैं: 91 और 19

संकेत: शृंखला सदैव 27 → 45 → 9 चलती है, या 72 → 45 → 9। दोनों रास्तों में ठीक तीन घटाव लगते हैं।
प्र12.
उन अंकों के युग्मों की पहचान कीजिए जिनमें अधिकतम घटाव की संख्या के पश्चात 1 अंक की संख्या प्राप्त होती है। अपने उत्तर की तुलना अपने मित्रों के उत्तरों के साथ कीजिए।
उत्तर

सबसे लंबी शृंखला में 5 घटाव लगते हैं। यह तब होता है जब दोनों अंकों का अंतर ठीक 2 हो।

युग्म: (1, 3) · (2, 4) · (3, 5) · (4, 6) · (5, 7) · (6, 8) · (7, 9)।

1 और 3 से करके देखिए—

पहला : 31 – 13 = 18
दूसरा : 81 – 18 = 63
तीसरा : 63 – 36 = 27
चौथा : 72 – 27 = 45
पाँचवाँ : 54 – 45 = 9

किस आरंभिक युग्म में कितने घटाव लगते हैं—

अंकों का अंतरपहला अंतरकितने घटाव
191
2185 ← सबसे लंबी
3273
4364
5452
6542
7634
8723
18 में सबसे अधिक समय क्यों लगता है: 18 आपको 63 पर भेजता है, और 63 को अभी तीन चक्कर और चाहिए (27, फिर 45, फिर 9)। बाकी सब शुरुआतें इस शृंखला में बीच से जुड़ती हैं। पुस्तक का अपना उदाहरण, 3 और 7, 36 से शुरू होता है और उसमें 4 घटाव लगते हैं — रिकॉर्ड से एक कम।
क्या यह उपयोगी रहा?