ऊपर की ओर : 1 + 2 + 2 + 0 = 5 दाईं ओर : 0 + 2 + 3 + 0 = 5 नीचे की ओर : 0 + 2 + 3 + 0 = 5 बाईं ओर : 1 + 1 + 3 + 0 = 5
सचमुच हर ओर 5 घोड़े हैं। फिर भी कुल 19 हैं, 20 नहीं।
प्र2.
अश्वपाल के स्पष्टीकरण में क्या गलती थी?
उत्तर
अश्वपाल ने कोने के कक्षों को दो बार गिन लिया।
चरण 1 — देखिए कौन-से कक्ष दो दीवारों के हैं। वर्ग के कोनों वाले चार कक्ष एक साथ दो दीवारों पर पड़ते हैं। जैसे कोने का एक कक्ष ऊपरी दीवार का भी है और बाईं दीवार का भी।
पीले रंग के चारों कक्ष कोने के हैं। हर एक दो दीवारों पर पड़ता है, इसलिए वर्ग के चारों ओर घूमकर गिनने पर वह दो बार गिना जाता है।
चरण 2 — देखिए इससे गिनती पर क्या असर पड़ता है।
4 ओर × 5 घोड़े = 20 गिनतियाँ परंतु कोने वाले घोड़े दो बार गिने गए। कोने के कक्षों में हैं 1 + 0 + 0 + 0 = 1 घोड़ा। 20 – 1 = 19 घोड़े ✓
याद रखने वाली बात: वर्ग के चारों ओर घूमने पर चारों दीवारें अपने सिरे वाले कक्ष आपस में बाँटती हैं। इसलिए चारों ओर का योग और कुल घोड़ों की संख्या एक बात नहीं हैं — योग में कोने के घोड़े एक बार अतिरिक्त गिने जाते हैं। अश्वपाल इसी अंतर में छिपा था।
यह भी कीजिए: 12 कुर्सियों का वर्ग बनाइए और हर कोने की कुर्सी पर एक बच्चा बिठाइए। पहले ओर-दर-ओर घूमकर गिनिए, फिर सीधे बच्चे गिनिए। अंतर 4 आएगा — हर कोने के लिए एक।
प्र3.
अगली रात, चोर ने अस्तबल से एक और घोड़ा चुरा लिया। अब केवल 18 घोड़े शेष बचे थे। अश्वपाल ने पुन: 18 घोड़ों को चतुराई से इस प्रकार से व्यवस्थित किया कि वर्गाकार अस्तबल के प्रत्येक किनारे पर 5 घोड़े थे। आपके अनुसार उसने ऐसा कैसे किया? अस्तबल में 18 घोड़ों को इस प्रकार से व्यवस्थित कीजिए कि प्रत्येक किनारे पर 5 घोड़े हों।
उत्तर
उसने और अधिक घोड़े कोने के कक्षों में कर दिए। कोनों में जितने अधिक घोड़े होंगे, उतनी ही बार वे दो-दो बार गिने जाएँगे, और उतने ही कम घोड़े कुल चाहिए।
18 घोड़ों की एक व्यवस्था नीचे है, जिसमें हर ओर 5 घोड़े हैं।
18 घोड़े, हर ओर 5। अब ऊपर के दोनों कोनों में 1-1 घोड़ा है।
ऊपरी पंक्ति : 1 + 2 + 1 + 1 = 5 बाईं ओर के दो बीच वाले कक्ष : 2 + 2 = 4 दाईं ओर के दो बीच वाले कक्ष : 2 + 2 = 4 निचली पंक्ति : 0 + 3 + 2 + 0 = 5 5 + 4 + 4 + 5 = 18 घोड़े ✓
यह काम क्यों करता है — गिनती का नियम।
चारों ओर का योग = कुल घोड़े + कोनों के घोड़े 4 × 5 = 18 + कोने 20 = 18 + कोने → कोनों में 2 घोड़े होने चाहिए
हमारे चित्र में कोनों में 1 + 1 + 0 + 0 = 2 घोड़े हैं। ✓ कल, 19 घोड़ों के समय, कोनों में केवल 1 था।
यह भी कीजिए: 18 की कोई दूसरी व्यवस्था खोजिए। जिस भी व्यवस्था के चारों कोने वाले कक्षों में मिलाकर 2 घोड़े हों और हर ओर 5 हों, वह सही है।
प्र4.
राजा को चोरी का पता लगने से पहले चोर और कितने घोड़े चुरा सकता है? स्वयं ही व्यवस्थित करके देखिए।
उत्तर
8 घोड़े और। अश्वपाल यह चालाकी तब तक चला सकता है जब तक केवल 10 घोड़े शेष न रह जाएँ।
चरण 1 — नियम फिर से लिखिए।
4 ओर × 5 = कुल घोड़े + कोनों में बैठे घोड़े 20 = कुल + कोने अत: कुल = 20 – कोने
चरण 2 — कुल कम करने के लिए कोनों को अधिक भरिए। इसलिए चारों कोने वाले कक्षों में जितने घोड़े हो सकें रखिए, और बाकी कहीं कोई नहीं।
चरण 3 — कोने अधिक से अधिक कितने भर सकते हैं? हर ओर 5 घोड़े हैं, और यदि उस ओर के बीच वाले दोनों कक्ष खाली हों, तो उस ओर के दोनों कोनों का योग 5 होना चाहिए। वर्ग के चारों ओर चलने पर कोने 3, 2, 3, 2 बनते हैं।
अभी घोड़े = 18 कम से कम संभव = 10 18 – 10 = 8 घोड़े और चुराए जा सकते हैं
चालाकी 10 पर क्यों रुक जाती है: जब कोने पूरी तरह भर जाते हैं, तब दुबारा गिनने की और कोई गुंजाइश नहीं बचती जिसके पीछे छिपा जा सके। एक घोड़ा और हटाइए तो किसी न किसी ओर केवल 4 रह जाएँगे, और राजा देख लेगा।
यह भी कीजिए: बीच की व्यवस्थाएँ भी बनाइए। 17 घोड़ों के लिए कोनों में 3 चाहिए, 16 के लिए 4, 15 के लिए 5, और इसी तरह — ठीक 10 घोड़ों तक, जिनके लिए कोनों में 10 चाहिए।