ऐसा क्यों होता है: परिमिति बाहर-बाहर का पूरा चक्कर है। इस आकृति का चक्कर लगाने में 5 भुजाओं पर एक-एक करके चलना पड़ता है। हर बार 4 से.मी. चलते हैं, इसलिए पाँच बार में 5 × 4 = 20 से.मी.।
छोटा रास्ता: जब आकृति की सभी भुजाएँ समान हों तो जोड़ने की जरूरत नहीं। सीधे गुणा कीजिए — भुजाओं की संख्या × एक भुजा की लंबाई।
प्र2.
नीचे दी गई आकृतियों की परिमिति ज्ञात कीजिए। इन आकृतियों की सभी भुजाएँ समान हैं। (दूसरी आकृति।)
एक बिंदु पर जुड़े दो त्रिभुज। सभी भुजाएँ बराबर हैं।
उत्तर
परिमिति = 30 से.मी.
एक बिंदु पर जुड़े दो त्रिभुज। बाहर की ओर 6 बराबर भुजाएँ हैं।
उँगली से बाहरी किनारा घूमिए। ऊपर बाएँ कोने से शुरू कीजिए। ऊपर की भुजा (1), बीच के बिंदु तक ढाल (2), नीचे बाएँ कोने तक ढाल (3), नीचे की भुजा (4), बीच के बिंदु तक ऊपर (5), और वापस ऊपर बाएँ कोने तक (6)।
गिनिए कितनी भुजाओं पर चले। कुल 6 भुजाएँ।
दी गई लंबाई लगाइए। सभी भुजाएँ समान हैं और एक 5 से.मी. है, इसलिए छहों भुजाएँ 5-5 से.मी. की हैं।
गुणा कीजिए। 6 × 5 = 30।
बाहर की भुजाओं की संख्या = 6 परिमिति = 6 × 5 से.मी. परिमिति = 30 से.मी.
ऐसा क्यों होता है: यह आकृति दो त्रिभुजों से बनी है जो एक ही बिंदु पर छूते हैं। हर त्रिभुज बाहर की ओर 3 भुजाएँ देता है — उसकी ऊपर (या नीचे) की भुजा और दो ढालू भुजाएँ। 3 + 3 = 6 भुजाएँ। जिस बिंदु पर वे छूते हैं वह भुजा नहीं है, इसलिए वहाँ कुछ नहीं जुड़ता।
सावधानी: 8 भुजाएँ मत गिनिए। बीच में कटती दो रेखाएँ बाहरी किनारे की चार अलग भुजाएँ नहीं हैं — हर रेखा छूने वाले बिंदु पर बँटकर उन्हीं छह भुजाओं में गिनी जा चुकी है।
प्र3.
दो आयत बनाइए जिनमें से प्रत्येक की परिमिति नीचे दिए गए अनुसार हो। (क) 26 से.मी.
उत्तर
26 से.मी. परिमिति वाले दो आयत: एक 8 से.मी. × 5 से.मी. और दूसरा 10 से.मी. × 3 से.मी.।
आयत की परिमिति का अर्थ याद कीजिए। आयत में 2 लंबी और 2 छोटी भुजाएँ होती हैं। अत: परिमिति = लंबाई + लंबाई + चौड़ाई + चौड़ाई।
परिमिति को आधा कीजिए। एक लंबाई और एक चौड़ाई मिलकर आधी परिमिति बनाती हैं। 26 ÷ 2 = 13 से.मी.
13 को दो पूर्ण संख्याओं में बाँटिए। 8 + 5 = 13 और 10 + 3 = 13।
आयत बनाइए। एक आयत 8 से.मी. लंबा और 5 से.मी. चौड़ा। दूसरा 10 से.मी. लंबा और 3 से.मी. चौड़ा।
दो अलग-अलग आयत, दोनों की परिमिति 26 से.मी.।
पहले की जाँच: 8 + 5 + 8 + 5 = 26 से.मी. ✓ दूसरे की जाँच: 10 + 3 + 10 + 3 = 26 से.मी. ✓
आधा करने से काम क्यों बनता है: आयत का चक्कर लगाने में लंबाई दो बार और चौड़ाई दो बार चलनी पड़ती है। यानी पूरा चक्कर (लंबाई + चौड़ाई) का दुगना है। इसलिए आधा चक्कर ठीक एक लंबाई और एक चौड़ाई के बराबर है।
और सही उत्तर: 9 से.मी. × 4 से.मी., 7 से.मी. × 6 से.मी., 11 से.मी. × 2 से.मी., 12 से.मी. × 1 से.मी. — कोई भी जोड़ी जिसका योग 13 से.मी. हो।
प्र4.
दो आयत बनाइए जिनमें से प्रत्येक की परिमिति नीचे दिए गए अनुसार हो। (ख) 18 से.मी.
उत्तर
18 से.मी. परिमिति वाले दो आयत: एक 6 से.मी. × 3 से.मी. और दूसरा 7 से.मी. × 2 से.मी.।
परिमिति को आधा कीजिए। 18 ÷ 2 = 9 से.मी.। यही एक लंबाई और एक चौड़ाई है।
9 को दो पूर्ण संख्याओं में बाँटिए। 6 + 3 = 9 और 7 + 2 = 9।
आयत बनाइए। एक आयत 6 से.मी. × 3 से.मी. और दूसरा 7 से.मी. × 2 से.मी.।
दोनों आयतों के चारों ओर घूमने के लिए ठीक 18 से.मी. फीता चाहिए।
पहले की जाँच: 6 + 3 + 6 + 3 = 18 से.मी. ✓ दूसरे की जाँच: 7 + 2 + 7 + 2 = 18 से.मी. ✓
ध्यान दिया? 6 से.मी. × 3 से.मी. वाला आयत 18 वर्ग से.मी. ढकता है, पर 7 से.मी. × 2 से.मी. वाला केवल 14 वर्ग से.मी.। किनारा बराबर, पर कपड़ा अलग। यही विचार पृष्ठ 148 पर फिर मिलेगा।
और सही उत्तर: 5 से.मी. × 4 से.मी. और 8 से.मी. × 1 से.मी. — कोई भी जोड़ी जिसका योग 9 से.मी. हो।