कक्षा ५ गणित अध्याय 13 आइए करके देखें (प्रश्न 1) के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
(क) 2 और 3
उत्तर

2 और 3 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 6, 12, 18, 24, 30.

2 के गुणज2, 4, 6, 8, 10, 12
3 के गुणज3, 6, 9, 12
उभयनिष्ठ गुणज6, 12, 18, 24, 30 …
  1. 2 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 3 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 6।
  4. अब हर बार 6 जोड़ते जाइए। 6 → 12 → 18 → 24 → 30
ऐसा क्यों होता है: 2 और 3 में 1 के अलावा कोई गुणनखंड साझा नहीं है। ऐसी स्थिति में पहला उभयनिष्ठ गुणज दोनों का गुणनफल ही होता है: 2 × 3 = 6।
ध्यान रखिए: यहाँ 5 उभयनिष्ठ गुणज माँगे गए हैं, पर उभयनिष्ठ गुणज कभी खत्म नहीं होते। आप 36, 42, 48 … भी लिख सकते हैं। जितने चाहिए उतने पाने के लिए बस 6 जोड़ते जाइए।
प्र2.
(ख) 5 और 8
उत्तर

5 और 8 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 40, 80, 120, 160, 200.

5 के गुणज5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40, 45 …
8 के गुणज8, 16, 24, 32, 40, 48, 56, 64, 72 …
उभयनिष्ठ गुणज40, 80, 120, 160, 200 …
  1. 5 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 8 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 40।
  4. अब हर बार 40 जोड़ते जाइए। 40 → 80 → 120 → 160 → 200
ऐसा क्यों होता है: 5 और 8 में 1 के अलावा कोई गुणनखंड साझा नहीं है। ऐसी स्थिति में पहला उभयनिष्ठ गुणज दोनों का गुणनफल ही होता है: 5 × 8 = 40।
प्र3.
(ग) 2 और 4
उत्तर

2 और 4 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 4, 8, 12, 16, 20.

2 के गुणज2, 4, 6, 8
4 के गुणज4, 8
उभयनिष्ठ गुणज4, 8, 12, 16, 20 …
  1. 2 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 4 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 4।
  4. अब हर बार 4 जोड़ते जाइए। 4 → 8 → 12 → 16 → 20
ऐसा क्यों होता है: 4 पहले से ही 2 का गुणज है, इसलिए 4 का हर गुणज 2 का भी गुणज है। यही कारण है कि पहला उभयनिष्ठ गुणज 4 ही है — दोनों में की बड़ी संख्या।
प्र4.
(घ) 3 और 9
उत्तर

3 और 9 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 9, 18, 27, 36, 45.

3 के गुणज3, 6, 9, 12, 15, 18
9 के गुणज9, 18
उभयनिष्ठ गुणज9, 18, 27, 36, 45 …
  1. 3 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 9 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 9।
  4. अब हर बार 9 जोड़ते जाइए। 9 → 18 → 27 → 36 → 45
ऐसा क्यों होता है: 9 पहले से ही 3 का गुणज है, इसलिए 9 का हर गुणज 3 का भी गुणज है। यही कारण है कि पहला उभयनिष्ठ गुणज 9 ही है — दोनों में की बड़ी संख्या।
प्र5.
(ङ) 5 और 10
उत्तर

5 और 10 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 10, 20, 30, 40, 50.

5 के गुणज5, 10, 15, 20
10 के गुणज10, 20
उभयनिष्ठ गुणज10, 20, 30, 40, 50 …
  1. 5 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 10 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 10।
  4. अब हर बार 10 जोड़ते जाइए। 10 → 20 → 30 → 40 → 50
ऐसा क्यों होता है: 10 पहले से ही 5 का गुणज है, इसलिए 10 का हर गुणज 5 का भी गुणज है। यही कारण है कि पहला उभयनिष्ठ गुणज 10 ही है — दोनों में की बड़ी संख्या।
प्र6.
(च) 9 और 12
उत्तर

9 और 12 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 36, 72, 108, 144, 180.

9 के गुणज9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72
12 के गुणज12, 24, 36, 48, 60, 72
उभयनिष्ठ गुणज36, 72, 108, 144, 180 …
  1. 9 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 12 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 36।
  4. अब हर बार 36 जोड़ते जाइए। 36 → 72 → 108 → 144 → 180
ऐसा क्यों होता है: 9 और 12 में गुणनखंड 3 साझा है। इसलिए पहला उभयनिष्ठ गुणज 9 × 12 = 108 नहीं, बल्कि उससे छोटा 36 है। उसके बाद हर बार 36 जोड़ते जाइए।
प्र7.
(छ) 8 और 12
उत्तर

8 और 12 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 24, 48, 72, 96, 120.

8 के गुणज8, 16, 24, 32, 40, 48
12 के गुणज12, 24, 36, 48
उभयनिष्ठ गुणज24, 48, 72, 96, 120 …
  1. 8 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 12 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 24।
  4. अब हर बार 24 जोड़ते जाइए। 24 → 48 → 72 → 96 → 120
ऐसा क्यों होता है: 8 और 12 में गुणनखंड 4 साझा है। इसलिए पहला उभयनिष्ठ गुणज 8 × 12 = 96 नहीं, बल्कि उससे छोटा 24 है। उसके बाद हर बार 24 जोड़ते जाइए।
प्र8.
(ज) 6 और 8
उत्तर

6 और 8 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 24, 48, 72, 96, 120.

6 के गुणज6, 12, 18, 24, 30, 36, 42, 48
8 के गुणज8, 16, 24, 32, 40, 48
उभयनिष्ठ गुणज24, 48, 72, 96, 120 …
  1. 6 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 8 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 24।
  4. अब हर बार 24 जोड़ते जाइए। 24 → 48 → 72 → 96 → 120
ऐसा क्यों होता है: 6 और 8 में गुणनखंड 2 साझा है। इसलिए पहला उभयनिष्ठ गुणज 6 × 8 = 48 नहीं, बल्कि उससे छोटा 24 है। उसके बाद हर बार 24 जोड़ते जाइए।
प्र9.
(झ) 6 और 9
उत्तर

6 और 9 के पाँच उभयनिष्ठ गुणज: 18, 36, 54, 72, 90.

6 के गुणज6, 12, 18, 24, 30, 36
9 के गुणज9, 18, 27, 36
उभयनिष्ठ गुणज18, 36, 54, 72, 90 …
  1. 6 का पहाड़ा लिखिए।
  2. उसके नीचे 9 का पहाड़ा लिखिए।
  3. जो संख्याएँ दोनों में आती हैं, उन पर घेरा लगाइए। सबसे छोटी है 18।
  4. अब हर बार 18 जोड़ते जाइए। 18 → 36 → 54 → 72 → 90
ऐसा क्यों होता है: 6 और 9 में गुणनखंड 3 साझा है। इसलिए पहला उभयनिष्ठ गुणज 6 × 9 = 54 नहीं, बल्कि उससे छोटा 18 है। उसके बाद हर बार 18 जोड़ते जाइए।
प्र10.
विभिन्न संख्या-युग्मों के उभयनिष्ठ गुणजों के बारे में आपने क्या ध्यान दिया? कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर

नमूना उत्तर: हर संख्या-युग्म के उभयनिष्ठ गुणज अनगिनत होते हैं। सबसे छोटा वाला सबसे काम का है — वह मिल जाए तो बाकी सब उसे बार-बार जोड़कर बन जाते हैं। और सबसे छोटा कौन होगा, यह इस पर निर्भर करता है कि दोनों संख्याओं का आपस में क्या रिश्ता है।

युग्म का प्रकारइस अभ्यास से उदाहरणपहला उभयनिष्ठ गुणज
एक संख्या दूसरी की गुणज है2 व 4, 3 व 9, 5 व 10बड़ी संख्या स्वयं — 4, 9, 10
दोनों में 1 के अलावा कुछ साझा नहीं2 व 3, 5 व 8दोनों का गुणनफल — 6, 40
दोनों में 1 से बड़ा गुणनखंड साझा है8 व 12, 6 व 8, 6 व 9, 9 व 12गुणनफल से छोटा — 24, 24, 18, 36

तीन बातें ध्यान देने योग्य:

  1. सबसे छोटा उभयनिष्ठ गुणज सदा होता है, पर सबसे बड़ा कभी नहीं। सूची कभी खत्म नहीं होती।
  2. हर उभयनिष्ठ गुणज सबसे छोटे वाले का गुणज होता है। 6 व 8 की सूची 24, 48, 72, 96 है — यानी 24 का पहाड़ा।
  3. उभयनिष्ठ गुणज दोनों में की बड़ी संख्या से छोटा कभी नहीं होता।
ऐसा क्यों होता है: उभयनिष्ठ गुणज वह पड़ाव है जहाँ दोनों जानवर उतर सकें। एक बार वे मिल जाएँ तो वहीं से दोनों के प्रतिरूप फिर से शुरू हो जाते हैं, इसलिए उतने ही अंतर के बाद वे बार-बार मिलते रहते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?