कक्षा ५ गणित अध्याय 13 आइए करके देखें (प्रश्न 2–3) के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
2. एक पक्की सड़क के अंत में भोजन उपलब्ध है। रॉबी खरगोश प्रत्येक बार 4 की छलाँग लगाता है। डीकू हिरणी प्रत्येक बार 6 की छलाँग लगाती है। वे दोनों 0 से प्रारंभ करते हैं। क्या रॉबी व डीकू दोनों भोजन तक पहुँचेंगे? भोजन तक दोनों में से पहले कौन पहुँचेगा? आप यह कैसे पता करेंगे? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर
नहीं — केवल रॉबी भोजन तक पहुँचेगा। डीकू उस पर कभी उतर ही नहीं पाएगी। पुस्तक की पक्की सड़क 0 से 64 तक जाती है और भोजन आखिरी पत्थर 64 पर है।
लाल बिंदु रॉबी के पड़ाव हैं, नीले बिंदु डीकू के। एक लाल बिंदु ठीक 64 पर है। नीले बिंदु 60 से सीधे 66 पर कूद जाते हैं।
चरण दर चरण:
रॉबी को जाँचिए। 64 में उसकी छलाँग का भाग दीजिए। 64 ÷ 4 = 16, शेष कुछ नहीं। इसलिए रॉबी अपनी 16वीं छलाँग में ठीक 64 पर उतरता है।
डीकू को जाँचिए। 64 ÷ 6 = 10 और 4 शेष। इसलिए डीकू 60 पर उतरती है और अगली छलाँग उसे 66 पर ले जाती है — भोजन के ऊपर से।
दोनों बातों का उत्तर दीजिए। रॉबी भोजन तक पहुँचता है, डीकू नहीं। इसलिए पहले रॉबी पहुँचेगा — असल में केवल वही पहुँचेगा।
ऐसा क्यों होता है: कोई जानवर केवल उसी संख्या पर उतर सकता है जिसे उसकी छलाँग पूरा-पूरा विभाजित करे। 64, 4 का गुणज है इसलिए 4 की छलाँगें वहाँ पहुँचती हैं। 64, 6 का गुणज नहीं है इसलिए 6 की छलाँगें उसके ऊपर से निकल जाती हैं।
स्वयं जाँचिए: 4 × 16 = 64 ✓। अब 6 × 10 = 60 और 6 × 11 = 66 देखिए। ऐसी कोई पूर्ण संख्या नहीं है जिसे 6 से गुणा करने पर 64 मिले।
प्र2.
3. मोगली के मित्र नीचे दी गई पगडंडी पर चिह्नित स्थानों पर रहते हैं। यदि वह 0 से प्रारंभ करके 2 की छलाँग लगाता है, तो वह अपने किन-किन मित्रों से मिल पाएगा?
उत्तर
वह उन मित्रों से मिल पाएगा जो सम संख्याओं पर हैं — 4 पर चींटी, 12 पर मेंढक, 14 पर पक्षी, 26 पर बाघ, 30 पर बालु भालू और 50 पर खरगोश।
0 से 2-2 की छलाँग लगाते हुए मोगली केवल सम संख्याओं पर उतरता है। धूसर मित्र विषम संख्याओं पर हैं, इसलिए वह उन्हें छोड़ देता है।
मित्र
स्थान
सम या विषम?
क्या मोगली मिलेगा?
चींटी
4
सम
हाँ
मकड़ी
9
विषम
नहीं
मेंढक
12
सम
हाँ
पक्षी
14
सम
हाँ
का (सर्प)
21
विषम
नहीं
शेरखान (बाघ)
26
सम
हाँ
बालु (भालू)
30
सम
हाँ
अकेला (भेड़िया)
35
विषम
नहीं
हिरण
39
विषम
नहीं
खरगोश
50
सम
हाँ
बंदर
57
विषम
नहीं
मोगली के पड़ाव: 2, 4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20 … 56, 58, 60 ये सब 2 के गुणज हैं — यानी सारी सम संख्याएँ
ऐसा क्यों होता है: 0 से शुरू करके बार-बार 2 जोड़ने पर हमेशा सम संख्या ही मिलती है। विषम संख्या सम से एक अधिक होती है, इसलिए 2 की छलाँग कभी उस पर नहीं रुक सकती।
पुस्तक क्या कहती है: अगले पृष्ठ पर पुस्तक इनमें से चार मित्रों के नाम लेती है — चींटी, मेंढक, पक्षी और खरगोश, जो 4, 12, 14 व 50 पर हैं — और कहती है कि 2 इन संख्याओं का उभयनिष्ठ गुणनखंड है। 26 पर बाघ और 30 पर बालु भी सम संख्याओं पर हैं, इसलिए मोगली उनके पास से भी गुजरता है।