कक्षा ५ गणित अध्याय 13 मकड़ी और टिड्डा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
एक मकड़ी प्रत्येक बार 3 की छलाँग लगाती है। एक टिड्डा प्रत्येक बार 6 की छलाँग लगाता है। 3 व 6 के उभयनिष्ठ गुणज ज्ञात करने के लिए संख्या-रेखा का उपयोग कीजिए।पृष्ठ 166 — संख्या-रेखा। दोनों 0 से चलना शुरू करते हैं। मकड़ी की पहली छलाँग हरे रंग में और टिड्डे की पहली छलाँग बैंगनी रंग में दिखाई गई है।
उत्तर
दोनों 6, 12, 18, 24 … पर साथ उतरते हैं — यानी 6 के हर गुणज पर।
मकड़ी 3, 6, 9, 12, 15, 18 पर उतरती है। टिड्डा 6, 12, 18 पर। टिड्डे का हर पड़ाव मकड़ी का भी पड़ाव है।
ऐसा क्यों होता है: टिड्डे की 6 की छलाँग असल में मकड़ी की दो छलाँगें हैं। इसलिए टिड्डा जहाँ भी उतरता है, मकड़ी वहाँ पहले ही उतर चुकी होती है। यही कारण है कि टिड्डे का हर पड़ाव साझा है।
ध्यान दीजिए: यहाँ पहला उभयनिष्ठ गुणज 6 है — दोनों में की बड़ी संख्या। जब एक संख्या दूसरी की गुणज हो, तब हमेशा ऐसा ही होता है।
प्र2.
3 व 6 संख्याओं के दो उभयनिष्ठ गुणज 6 व 12 हैं। आप अन्य उभयनिष्ठ गुणज प्राप्त करने के लिए इस प्रतिरूप को जारी रख सकते हैं। 3 व 6 के उभयनिष्ठ गुणजों के बारे में आपने क्या ध्यान दिया? चर्चा कीजिए।पृष्ठ 166 — संख्या-रेखा। दोनों 0 से चलना शुरू करते हैं। मकड़ी की पहली छलाँग हरे रंग में और टिड्डे की पहली छलाँग बैंगनी रंग में दिखाई गई है।
उत्तर
नमूना उत्तर: 3 व 6 के उभयनिष्ठ गुणज हैं 6, 12, 18, 24, 30, 36 … ये ठीक-ठीक 6 के गुणज हैं — यानी टिड्डे की अपनी सूची। कुछ नया निकालना ही नहीं पड़ता, क्योंकि 6 पहले से ही 3 का गुणज है।
कक्षा को क्या ध्यान देना चाहिए:
पहला उभयनिष्ठ गुणज 6 है, जो दोनों में बड़ी संख्या है।
टिड्डे की पूरी सूची मकड़ी की सूची के भीतर है। 6 का हर गुणज 3 का भी गुणज है।
प्रतिरूप आगे चलता रहता है — 36, 42, 48, 54, 60 …
ऐसा क्यों होता है: 6 = 3 × 2। इसलिए 6 की एक छलाँग 3 की दो छलाँगों को जोड़कर बनी है। टिड्डा ऐसी किसी जगह नहीं उतर सकता जहाँ मकड़ी न गई हो।
पिछले पृष्ठ से तुलना कीजिए: 3 व 4 का पहला उभयनिष्ठ गुणज 12 = 3 × 4 था। पर 3 व 6 का पहला उभयनिष्ठ गुणज केवल 6 है, 18 नहीं। अंतर इतना है कि 6, 3 का गुणज है जबकि 4 नहीं।
प्र3.
आइए दो संख्याओं 4 व 6 के गुणज लिखते हैं। 4 के गुणज— 4, 8, 12, 16, ... 6 के गुणज— 6, 12, 18, ... 12 व 24 संख्याएँ 4 व 6 के दो उभयनिष्ठ गुणज हैं। कुछ अन्य उभयनिष्ठ गुणजों की सूची बनाइए।
उत्तर
4 व 6 के कुछ और उभयनिष्ठ गुणज हैं 36, 48, 60, 72 और 84।
ऐसा क्यों होता है: 4 और 6 दोनों 12 को पूरा-पूरा विभाजित करते हैं, और 12 सबसे छोटी ऐसी संख्या है। इसलिए हर उभयनिष्ठ गुणज संख्या-रेखा पर 12 का एक कदम है।